शिकायत निगरानी तंत्र बनाने की मांग, बोकारो इस्पात संयंत्र में राउरकेला मॉडल लागू करने का सुझाव
बोकारो: बोकारो इस्पात संयंत्र अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) को पत्र लिखकर नगर सेवा विभाग से संबंधित शिकायतों के समयबद्ध निपटारे के लिए एक प्रभावी शिकायत निगरानी तंत्र विकसित करने की मांग की है।
संघ ने कहा कि बीएसएल प्रबंधन द्वारा ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था सराहनीय है, लेकिन दर्ज शिकायतों के समयबद्ध समाधान का कोई तंत्र न होने के कारण कई कार्मिकों की शिकायतें महीनों तक लंबित रह जाती हैं।
राउरकेला मॉडल को बोकारो में लागू करने की मांग
बीएकेएस ने उदाहरण देते हुए कहा कि सेल की दूसरी यूनिट राउरकेला इस्पात संयंत्र ने इस समस्या का समाधान एक अनोखे तरीके से किया है। वहां मानव संसाधन विभाग ने तीन चरणों में शिकायत निगरानी तंत्र लागू किया है :
1. पहला चरण – प्रत्येक विभाग के HR अधिकारी नगर सेवा शिकायत रजिस्टर बनाएँगे, जिसमें कार्मिकों की लंबित शिकायतें दर्ज होंगी।
2. दूसरा चरण – शिकायत दर्ज होने के तीन दिनों के भीतर नोडल अधिकारी को भेजी जाएगी। नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी होगी कि समय पर समाधान सुनिश्चित करें।
3. तीसरा चरण – सभी शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। लंबित मामलों की रिपोर्ट महाप्रबंधक HR को दी जाएगी, जो नगर सेवा अधिकारियों से चर्चा कर निवारण करवाएंगे। एक माह के भीतर कर्मचारियों को उनकी शिकायत पर अपडेट उपलब्ध कराया जाएगा।
बेवजह की भागदौड़ से मिलेगी मुक्ति
संघ ने कहा कि अगर यही प्रक्रिया बोकारो इस्पात संयंत्र में भी लागू होती है तो कर्मचारियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक दौड़-भाग नहीं करनी पड़ेगी।
साथ ही, यूनियन ने सुझाव दिया कि शिकायतों के सभी स्तर का अपडेट ऑनलाइन पोर्टल पर सार्वजनिक किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
बीएकेएस ने कहा :
“हमारी यूनियन व्यवस्था सुधार के लिए तंत्र के विकास पर ध्यान दे रही है ताकि कर्मचारियों को निजी कार्यों के लिए किसी से पैरवी नहीं करानी पड़े। अक्सर यूनियन नेताओं की राजनीति नगर सेवा और अस्पताल में रेफर तक सीमित रही है, लेकिन हमारा उद्देश्य व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाना है।”







