सीईआईआर पोर्टल की मदद से अलग-अलग थानों ने की संयुक्त कार्रवाई, करीब 12 लाख रुपये के मोबाइल बरामद; मोबाइल मिलने के बाद लोगों के चेहरों पर दिखी खुशी
बोकारो : बोकारो पुलिस मोबाइल बरामद अभियान के तहत शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल 47 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। डीएसपी सिटी आलोक रंजन ने बताया कि इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये है। CEIR पोर्टल की मदद से पुलिस ने अलग-अलग थानों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए मोबाइल बरामद कर संबंधित लोगों को वापस सौंपा।

CEIR पोर्टल की मदद से हुई बड़ी कार्रवाई
बोकारो के शहरी क्षेत्रों में लगातार मोबाइल गुम होने और चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना ने सभी थाना प्रभारियों को CEIR पोर्टल का प्रभावी उपयोग कर जल्द मोबाइल बरामद करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद बीएस सिटी थाना, हरला थाना, सेक्टर-4 थाना, सेक्टर-12 थाना और सेक्टर-6 थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया।
किस थाना ने कितने मोबाइल बरामद किए
डीएसपी सिटी आलोक रंजन ने बताया कि कुल 47 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें—
थाना वार बरामदगी
- बीएस सिटी थाना – 33 मोबाइल
- हरला थाना – 08 मोबाइल
- सेक्टर-4 थाना – 02 मोबाइल
- सेक्टर-12 थाना – 03 मोबाइल
- सेक्टर-6 थाना – 01 मोबाइल
सभी मोबाइलों का सत्यापन करने के बाद उन्हें उनके असली मालिकों को बीएस सिटी थाना में सौंपा गया।
वीडियो देखें :
मोबाइल मिलने के बाद लोगों में खुशी
मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। कई लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि उनका खोया मोबाइल वापस मिलेगा।
कुछ लोगों ने कहा कि उनका मोबाइल दो साल पहले गुम हुआ था और अब पुलिस द्वारा वापस मिलने पर उन्हें काफी खुशी हुई। लोगों ने बोकारो पुलिस की कार्यशैली और तकनीकी जांच की सराहना की।

पुलिस ने लोगों से की अपील
डीएसपी आलोक रंजन ने आम लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाना में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर मोबाइल की जानकारी अपलोड करें।
उन्होंने कहा कि ऐसा करने से यदि कोई दूसरा व्यक्ति मोबाइल का इस्तेमाल करता है, तो उसकी जानकारी पुलिस और आवेदक दोनों को मिल सकती है।
Conclusion
बोकारो पुलिस द्वारा CEIR पोर्टल के माध्यम से की गई यह कार्रवाई तकनीक और पुलिसिंग के बेहतर समन्वय का उदाहरण बनकर सामने आई है। मोबाइल बरामद होने से जहां लोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है, वहीं साइबर और तकनीकी निगरानी की प्रभावशीलता भी साबित हुई है।







