85 किमी दूर बिरहोर कण्डा पहुंचा प्रशासन, विकास योजनाओं और अधिकारों का दिया भरोसा
बोकारो: जिला मुख्यालय से करीब 85 किलोमीटर दूर, कभी नक्सल प्रभाव के कारण उपेक्षित रहे गोमिया प्रखंड के सियारी पंचायत अंतर्गत बिरहोर कण्डा (डुमरी) गांव में बुधवार को प्रशासन ने भरोसे और संवाद की नई मिसाल पेश की।
जब उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना बरगद की छांव तले पीवीजीटी बिरहोर परिवारों के बीच पहुंचे, तो यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक शासन की पहुंच का प्रतीक बन गया।
🌿 नक्सल साये से विश्वास की ओर
जिस क्षेत्र में कभी नक्सल प्रभाव के कारण विकास ठहर गया था, आज वहीं प्रशासन खुद पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है। इस लोक संवाद ने ग्रामीणों के बीच विश्वास का नया माहौल बनाया।
🏡 ग्रामीणों ने रखीं मूलभूत मांगें
ग्रामीणों ने आवास, पेयजल, सड़क, तालाब जीर्णोद्धार और शिक्षा जैसी बुनियादी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं।
डीसी ने जानकारी दी कि मध्य विद्यालय डुमरी बिरहोर को उच्च विद्यालय में अपग्रेड करने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, ताकि बच्चों को दूर पढ़ने नहीं जाना पड़े।

🌳 वन अधिकार और आजीविका पर जोर
उपायुक्त ने सामूहिक वन अधिकार के तहत पात्र परिवारों को लाभ दिलाने के लिए ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित करने की बात कही।
साथ ही पंचायत स्तर पर सड़कों, जलापूर्ति और अन्य योजनाओं के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। पीएम जनमन योजना के तहत जर्जर घरों वाले परिवारों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।
🎭 परंपरा और विकास साथ-साथ
स्थानीय संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए वाद्य यंत्र वितरण और साप्ताहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई।
बच्चों के बीच कॉपी-कलम, फुटबॉल और खेल सामग्री बांटकर प्रशासन ने स्नेह भी जताया।
🏆 खिलाड़ी रेशमा कुमारी का सम्मान
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लॉन बॉल में जिले का नाम रोशन करने वाली रेशमा कुमारी को डीसी-एसपी द्वारा सम्मानित किया गया।
👮 एसपी का संदेश: डरने की जरूरत नहीं
एसपी नाथू सिंह मीना ने कहा कि क्षेत्र अब सुरक्षित है और किसी भी असामाजिक तत्व से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों से प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की।
🏥 स्वास्थ्य शिविर और डीडीसी का भरोसा
डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने भी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। मौके पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच और परामर्श दिया गया।

🌟 निष्कर्ष:
बरगद की छांव तले आयोजित यह लोक संवाद सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशीलता और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की मजबूत पहल बनकर सामने आया। इसने यह संदेश दिया कि अब दूरस्थ गांव भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।







