बारिश में आकाशीय बिजली से बचने के लिए सावधानी जरूरी: उपायुक्त अजय नाथ झा की अपील
मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरना एक सामान्य लेकिन जानलेवा घटना है। झारखंड के विभिन्न जिलों में हर साल वज्रपात से जनहानि की घटनाएं सामने आती हैं। इसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर लोगों को जागरूक किया जाता है।
मंगलवार को उपायुक्त अजय नाथ झा ने जिलेवासियों से अपील की कि बारिश या बिजली कड़कने के समय लोग घरों में ही सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि सिर्फ अत्यंत आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें और पूरी सावधानी बरतें।
वज्रपात के दौरान किन बातों का रखें विशेष ध्यान:
जब भी बादल गरजने की आवाज सुनें, तो तुरंत सुरक्षित स्थान में शरण लें।
मजबूत छत वाले पक्के मकान सबसे सुरक्षित माने जाते हैं।
पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें, विशेष रूप से ऊंचे और अकेले खड़े पेड़।
अगर आप वाहन में हैं, तो तुरंत किसी पक्के शेल्टर में चले जाएं।
बिजली से चलने वाले सभी उपकरण बंद कर दें।
टीवी, मोबाइल, बिजली के खंभे और टॉवर के संपर्क में न आएं।
यदि जंगल में हैं, तो कम ऊंचाई वाले और घने पेड़ों के नीचे खड़े रहें।
खेती कर रहे किसानों को भी निर्देश दिए गए हैं कि गीले खेतों में काम बंद कर सुरक्षित जगह जाएं।
नंगे पैर या खुले जमीन पर खड़े न हों।
बादल गर्जना के दौरान मोबाइल फोन या छतरी का उपयोग न करें।
घरों की खिड़कियों और दरवाजों पर पर्दे लगाएं।
तड़ित चालक (Lightning Arrester) का प्रयोग अत्यंत लाभकारी है।
आवश्यक जनहित संदेश:
उपायुक्त ने कहा कि वज्रपात से जान बचाना संभव है यदि हम थोड़ी सी सतर्कता और वैज्ञानिक उपाय अपनाएं। उन्होंने स्कूलों, पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार-प्रसार बढ़ाने का भी निर्देश दिया है।
निष्कर्ष:
बारिश का मौसम आनंद का समय हो सकता है, लेकिन वज्रपात की अनदेखी जान पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में ज़रूरत है जागरूकता, सावधानी और सही जानकारी की। उपायुक्त की अपील को गंभीरता से लेना हर नागरिक का कर्तव्य है।







