धनबाद के बड़की बोआ रेलवे अंडरपास में बारिश के बाद फिर भरा पानी, प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
धनबाद (ईस्ट बसुरिया) : 31 मई 2026
धनबाद में हुई हल्की बारिश ने रेलवे और प्रशासनिक व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र के बड़की बोआ रेलवे अंडरपास में एक बार फिर भारी जलजमाव हो गया,
जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इस बीच समस्या के समाधान की मांग कर रहे ग्रामीणों ने रेलवे अधिकारियों पर दुर्व्यवहार और दबंगई का आरोप लगाया है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
बारिश के बाद अंडरपास बना ‘स्विमिंग पूल’
थोड़ी देर की बारिश के बाद ही बड़की बोआ रेलवे अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गया। सड़क पर कई फीट पानी जमा होने से बाइक, स्कूटी और अन्य छोटे वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन जल निकासी की स्थायी व्यवस्था अब तक नहीं की गई है।
स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी
जलजमाव के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए जोखिम भरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ बच्चे अंडरपास में भरे पानी में तैरते भी नजर आए, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
पहले भी हुआ था विरोध प्रदर्शन
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले भी इस समस्या को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान लोगों ने डीआरएम का पुतला दहन कर रेलवे प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया था।
हालांकि, प्रदर्शन और शिकायतों के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
समाधान की मांग को लेकर फिर सड़क पर उतरे ग्रामीण
बार-बार जलजमाव से परेशान ग्रामीण एक बार फिर बड़ी संख्या में अंडरपास पर जुटे और रेलवे प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वैकल्पिक रूप से बंद रेल क्रॉसिंग को खोलने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कोई सक्षम रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचकर लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
रेलवे अधिकारियों पर दुर्व्यवहार का आरोप
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद रेलवे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी समस्याएं सुनने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया।
ग्रामीणों के अनुसार, अधिकारियों का रवैया संवेदनशीलता दिखाने के बजाय तानाशाहीपूर्ण रहा, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
पत्रकारों से भी हुई बहस
मौके पर मौजूद पत्रकार जब प्रदर्शन और जलजमाव की स्थिति की कवरेज कर रहे थे, तब रेलवे अधिकारियों ने कथित रूप से कैमरा बंद करने को कहा और कवरेज के लिए लाइसेंस तक मांग लिया।
इस घटना के बाद ग्रामीणों और मीडिया कर्मियों में भी आक्रोश देखा गया। लोगों का आरोप है कि समस्या का समाधान करने के बजाय अधिकारियों ने अनावश्यक विवाद खड़ा किया।
स्थायी समाधान की मांग तेज
ग्रामीणों का कहना है कि बड़की बोआ अंडरपास क्षेत्र में जल निकासी की वैज्ञानिक व्यवस्था किए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।










