4,500 एकड़ बागवानी, 5,500 किसान जुड़े; आम उत्पादकों और महिला समूहों को मिला नया मंच
बोकारो | 9 जून 2026
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बोकारो जिला परिषद परिसर में आयोजित आम्रलिका आम महोत्सव-2026 किसानों, स्वयं सहायता समूहों और आम उत्पादकों के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभरा। उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि बोकारो को सिर्फ उद्योग नहीं, बल्कि कृषि और बागवानी की पहचान भी दिलाई जाएगी। महोत्सव में जिलेभर से आए किसानों ने आम की विभिन्न किस्मों का प्रदर्शन और विक्रय किया।
आम्रलिका महोत्सव में जुटे किसान और आम उत्पादक
बोकारो जिला परिषद कार्यालय परिसर में आयोजित आम्रलिका आम महोत्सव-2026 में जिलेभर के किसानों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और आम उत्पादकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम उत्पादकों को बेहतर विपणन मंच उपलब्ध कराना और बागवानी आधारित आजीविका को बढ़ावा देना था।
किसानों की मुस्कान ही सफलता का पैमाना: डीसी
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि आम्रलिका महोत्सव केवल आम की बिक्री का आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की खुशहाली और आत्मनिर्भरता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की वास्तविक सफलता किसानों के चेहरे पर दिखने वाली संतुष्टि और खुशी में निहित है।
बिरसा हरित ग्राम योजना से बदली तस्वीर
डीसी ने बताया कि जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत 4,500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में बागवानी विकसित की गई है और लगभग 5,500 किसान इससे जुड़े हैं। वहीं डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने कहा कि योजना के तहत किसानों को पौधे, तकनीकी सहायता और सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
युवाओं को एग्रो-बेस्ड स्टार्टअप की ओर बढ़ने की अपील
उपायुक्त ने युवाओं से कृषि एवं बागवानी आधारित उद्योगों में संभावनाएं तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आम प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
बोकारो के आम को देशभर में पहचान दिलाने का लक्ष्य
जिला प्रशासन का लक्ष्य बोकारो को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। महोत्सव में मल्लिका, आम्रपाली और लंगड़ा जैसी प्रमुख किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए। इस वर्ष जिले में 50 टन से अधिक आम उत्पादन दर्ज किया गया है।




