JSPLPS योजनाओं की समीक्षा बैठक में योजनाओं की गति एवं पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
बोकारो:उप विकास आयुक्त (डीडीसी) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSPLPS) से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समुदाय स्तर पर परिणाम आधारित कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा और मूल्यांकन किया गया।
महिला समूह गठन और मुद्रा लोन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के गठन की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के लिए समूह गठन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही, मुद्रा लोन की स्वीकृति और वितरण में पारदर्शिता एवं लक्ष्य अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
बीसी सखी योजना, आरएफ, सीआईएफ और बीमा मामलों की समीक्षा
बीसी सखी योजना, रिवॉल्विंग फंड (RF), कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF) और बीमा क्लेम जैसे पहलुओं की गहन समीक्षा की गई। डीडीसी ने निर्देश दिया कि व्यक्तिगत बीमा क्लेम और डेथ सर्वे से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए।
फूलो झानो आशीर्वाद योजना और लखपति दीदी मॉडल को मजबूत करने का आह्वान
फूलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत चयनित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समुचित वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग देने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही लखपति दीदी मॉडल की सफलता के लिए संगठित प्रयास, समयबद्ध क्रियान्वयन और सघन मॉनिटरिंग को आवश्यक बताया गया।
डीडीयू-जीकेवाई, आरएसईटीआई और कृषि योजनाओं की समीक्षा
बैठक में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) और रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (RSETI) की प्रगति पर संतोष जताया गया। प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोजगार से जोड़ने की दिशा में बेहतर परिणाम लाने के निर्देश दिए गए।
वहीं, फार्मर रजिस्ट्रेशन और दीदी बाड़ी योजना को गांव स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
डीडीसी का बयान: JSPLPS योजनाएं ग्रामीण सशक्तिकरण की रीढ़
डीडीसी ने कहा कि JSPLPS की सभी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं और परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अतः इनका सतत मूल्यांकन एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।







