🏢 बोकारो निवास में उच्चस्तरीय बैठक, विस्थापितों के भविष्य को सशक्त बनाने की पहल
बोकारो: शनिवार को बोकारो निवास स्थित सभागार में बीएसएल निदेशक प्रभारी बी के तिवारी (डीआई) एवं जिला उपायुक्त अजय नाथ झा (डीसी) की संयुक्त अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक विस्थापितों के सामाजिक–आर्थिक स्थिति, रोजगार, पुनर्वास और प्रशिक्षण से जुड़े विषयों पर केंद्रित रही।
🎯 15 अगस्त से विस्थापित युवाओं के लिए कोचिंग योजना शुरू करने का लक्ष्य
बैठक में सेल, बीसीसीएल, सीसीएल व बैंकिंग सेक्टर में उपलब्ध रिक्तियों को देखते हुए निर्णय लिया गया कि विस्थापित युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग और करियर गाइडेंस दी जाएगी।
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा:
“हमारा लक्ष्य है कि विस्थापित युवा आत्मनिर्भर बनें। कोचिंग और मार्गदर्शन की शुरुआत 15 अगस्त 2025 से करने का प्रस्ताव है।”
💬 डीसी ने जताई संवेदनशीलता, बीएसएल को खुले मन से आगे आने को कहा
बैठक में उपायुक्त ने बीएसएल अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं और विस्थापितों के प्रति सहयोगात्मक रुख दिखाएं। उन्होंने कहा:
“विस्थापित सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के वास्तविक हकदार हैं। प्रशासन उन्हें पीछे नहीं छोड़ना चाहता।”
📊 सामाजिक–आर्थिक मैपिंग की जिम्मेदारी डीपीएलआर को सौंपी गई
उपायुक्त ने डीपीएलआर श्रीमती मेनका को निर्देश दिया कि जिले के सभी विस्थापित परिवारों का सामाजिक–आर्थिक सर्वेक्षण (मैपिंग) कराया जाए, ताकि योजनाएं उनके अनुकूल बनाई जा सकें। बीएसएल को इसमें सहयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
🧩 बैठक में इन विषयों पर भी हुई चर्चा:
प्लांट सुरक्षा और विधि व्यवस्था
पुनर्वास एवं रोजगार के अवसर
CSR के माध्यम से शिक्षा, कौशल विकास
लंबित मांगों का समाधान
विभागीय समन्वय और सकारात्मक कार्रवाई
✅ निष्कर्ष: विस्थापितों के लिए भविष्य की दिशा तय कर रहा बोकारो प्रशासन
इस बैठक के माध्यम से बोकारो प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विस्थापितों के मुद्दे सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनके भविष्य निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। 15 अगस्त से शुरू होने वाली कोचिंग योजना इसकी शुरुआत है।







