🔻 घटना के बाद इलाज के दौरान हुई मौत, इलाके में फैला तनाव
बोकारो।
सिटी थाना क्षेत्र स्थित शिमला कॉलोनी में चाकूबाजी की वारदात में घायल हुए युवक जॉर्ज बरला की इलाज के दौरान मौत हो गई है। घटना 4 जून की रात लगभग 10 बजे की है, जब किसी बात को लेकर जोखिम तिर्की नामक युवक ने जॉर्ज पर चाकू से हमला कर दिया था।
गंभीर रूप से घायल जॉर्ज को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
🔻 शव पहुंचते ही भड़का गुस्सा, आरोपी के घर पर पथराव
जैसे ही जॉर्ज बरला का शव उनके शिमला कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचा, इलाके में तनाव फैल गया। गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपी जोखिम तिर्की के घर पर पथराव कर दिया और नारेबाज़ी की।
सूचना मिलने पर सिटी थाना प्रभारी सुदामा दास के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया गया। एहतियात के तौर पर आरोपी के परिजनों को थाने ले जाकर सुरक्षा में रखा गया है।
🔻 पुलिस कर रही जांच
सिटी थाना प्रभारी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और शव को दाह-संस्कार के लिए भेजा गया है। साथ ही, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि यह हमला पूर्व नियोजित था या किसी आपसी विवाद का परिणाम।
मृतक के परिजनों का कहना है कि इस घटना में अन्य लोग भी शामिल थे और सभी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने संकेत दिया है कि अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।








मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं ।जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
रवि खवसे, मुलताई (मध्यप्रदेश)