BSL के मानव संसाधन विकास विभाग में आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण के उपायों पर हुई चर्चा
बोकारो | 19 जून 2026
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण की बढ़ती चुनौतियों के बीच बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाने और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी उद्देश्य से बीएसएल के मानव संसाधन विकास विभाग में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण और इस्पात उद्योग में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के मानव संसाधन विकास विभाग में ईसीएस विभाग के सहयोग से “ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी और सतत भविष्य निर्माण” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों और अधिकारियों को ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन की गणना, उसके प्रभावों तथा उत्सर्जन में कमी लाने के उपायों के प्रति जागरूक बनाना था।
ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की गणना पर विशेष जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विश्व इस्पात संघ (World Steel Association) द्वारा निर्धारित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन गणना पद्धति की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर लागू नियमों, नीतियों और पर्यावरणीय मानकों पर भी चर्चा की गई।
इस्पात उद्योग में नई तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा
कार्यक्रम में इस्पात उद्योग में कार्बन उत्सर्जन के प्रमुख स्रोतों, जलवायु परिवर्तन पर उसके प्रभाव तथा उत्पाद लागत पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण किया गया। विशेषज्ञों ने उत्सर्जन कम करने के लिए अपनाई जा रही नवीनतम तकनीकों, नवाचारों और सर्वोत्तम प्रथाओं की जानकारी साझा की।
बीएसएल के प्रयासों से कराया गया अवगत
प्रशिक्षण के दौरान बीएसएल द्वारा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों और परियोजनाओं की जानकारी भी दी गई। प्रतिभागियों से पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए उनकी भूमिका और योगदान पर विचार-विमर्श किया गया।
कर्मचारियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में बीएसएल के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को लेकर अपने विचार साझा किए। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




