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Vedanta की ऐतिहासिक लिस्टिंग पर BSE CEO ने की सराहना, ‘समुद्र मंथन’ से की तुलना

चार डीमर्ज्ड कंपनियों की लिस्टिंग के साथ वेदांता ने रचा इतिहास, BSE के स्थापना दिवस पर हुआ विशेष समारोह

नई दिल्ली | 19 जून 2026

भारतीय कॉर्पोरेट जगत में एक नया अध्याय जुड़ गया है। वेदांता समूह ने अपनी चार डीमर्ज्ड कंपनियों को बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध कर इतिहास रच दिया है। इस अवसर पर बीएसई के एमडी एवं सीईओ सुंदररमन राममूर्ति ने वेदांता की विकास यात्रा की तुलना ‘समुद्र मंथन’ से करते हुए इसे भारतीय पूंजी बाजार की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

भारतीय उद्योग जगत की प्रमुख कंपनी वेदांता समूह ने अपनी चार नव-विभाजित (डीमर्ज्ड) कंपनियों की बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सफल लिस्टिंग के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस कदम के बाद समूह अब पांच स्वतंत्र और केंद्रित व्यवसायों के रूप में आगे बढ़ेगा।

BSE स्थापना दिवस पर बना ऐतिहासिक संयोग

बीएसई में आयोजित विशेष समारोह के दौरान बीएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदररमन राममूर्ति ने कहा कि यह उपलब्धि इसलिए और भी खास है क्योंकि यह बीएसई के स्थापना दिवस के साथ संयोगवश हुई है। उन्होंने इसे भारत के पूंजी बाजार के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया।

‘समुद्र मंथन’ जैसी रही वेदांता की यात्रा

राममूर्ति ने वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की संघर्षपूर्ण यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार समुद्र मंथन से अमृत और बहुमूल्य रत्न प्राप्त हुए थे, उसी तरह वेदांता ने धरती के भीतर छिपे जिंक, एल्युमीनियम, तांबा, लौह अयस्क, तेल, गैस और अन्य महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों को खोजकर देश की औद्योगिक प्रगति को गति दी है।

उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध वाक्य “अल्पारम्भः क्षेमकरः” का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटी शुरुआत भी समय के साथ असाधारण उपलब्धियों में बदल सकती है।

अनिल अग्रवाल के नेतृत्व की सराहना

राममूर्ति ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद अनिल अग्रवाल ने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। उन्होंने संस्कृत श्लोक “सुधां विना न प्रययुः विरामं, न निश्चितार्थाद् विरमन्ति धीराः” का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ निश्चयी लोग सफलता मिलने तक रुकते नहीं हैं।

सामाजिक योगदान का भी किया उल्लेख

उन्होंने अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की सामाजिक पहलों की सराहना करते हुए कहा कि ‘नंद घर’ परियोजना के माध्यम से देशभर में 10,000 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों का आधुनिकीकरण किया गया है, जिससे महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

भविष्य में रोजगार और निवेश के नए अवसर

अपने संबोधन के अंत में राममूर्ति ने विश्वास जताया कि वेदांता के पांच स्वतंत्र व्यवसाय आने वाले वर्षों में नए उद्यम, रोजगार और निवेश के अवसर पैदा करेंगे तथा भारत की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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