नंद घर: आंगनवाड़ियों को बना रहा है विकास का केंद्र
नई दिल्ली, सितम्बर 2025: वेदांता की प्रमुख सामाजिक पहल नंद घर आंगनवाड़ियों को आधुनिक बनाकर उन्हें ग्रामीण विकास के जीवंत केंद्रों में बदल रही है। यह कार्यक्रम पोषण, प्रारंभिक बाल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ और महिला सशक्तिकरण जैसी एकीकृत सेवाएँ प्रदान करता है।
“पोषण से प्रगति” अभियान की शुरुआत
महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से नंद घर ने पोषण माह 2025 के तहत “पोषण से प्रगति” अभियान शुरू किया है। यह पहल 15 राज्यों में 3.5 लाख से अधिक परिवारों तक पहुँचेगी और ग्रामीण भारत में कुपोषण से लड़ाई को मजबूत बनाएगी।
नंद घर की पोषण रणनीति: तीन मुख्य स्तंभ
प्रत्यक्ष पोषण सहायता – बच्चों को फोर्टिफाइड न्यूट्री बार्स, प्रोटीन शेक और सरकारी योजनाओं की पहुँच।
सामुदायिक जागरूकता – अभिभावक प्रशिक्षण, बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग और स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा।
प्रौद्योगिकी एकीकरण – डिजिटल टूल्स और साझेदारियाँ, बच्चों की प्रगति को ट्रैक करने और आधुनिक पोषण समाधानों को अपनाने के लिए।
कार्यक्रम की मुख्य गतिविधियाँ
रेसिपी डेमो और प्रशिक्षण सत्र
“पोषण भी, पढ़ाई भी” अभियान
बच्चों को फोर्टिफाइड सप्लीमेंट्स का वितरण
स्थानीय भाषाओं में नुक्कड़ नाटक और डिजिटल कैंपेन
विशेषज्ञों की राय
👉 नंद घर के सीईओ शशि अरोड़ा ने कहा:
“भारत की प्रगति के लिए पोषण बेहद जरूरी है। हमारा लक्ष्य हर ग्रामीण बच्चे और माँ को सही पोषण और ज्ञान उपलब्ध कराना है।”
👉 ईएसएल स्टील लिमिटेड के डिप्टी सीईओ रविश शर्मा बोले:
“नंद घर की पहल ग्रामीण भारत के परिवारों को पोषण से जुड़ी सही जानकारी और आदतें अपनाने का अवसर देती है।”
भारत में पोषण की स्थिति
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार:
6 वर्ष से कम आयु के 37.5% बच्चे अविकसित हैं।
प्रजनन आयु की 50% महिलाएँ एनीमिया से ग्रस्त हैं।
यह आँकड़े बताते हैं कि पोषण माह 2025 जैसी पहलों की अहमियत कितनी अधिक है।
नंद घर का विज़न और लक्ष्य
15 राज्यों में 9,000 से अधिक केंद्र
वर्तमान में 3.6 लाख बच्चों और 2.7 लाख महिलाओं तक पहुँचा
लक्ष्य: 13.7 लाख आंगनवाड़ियों के माध्यम से 7 करोड़ बच्चों और 2 करोड़ महिलाओं तक पहुँचना
अधिक जानकारी: www.nandghar.org







