शेखावत नेतागिरी करना बंद करें, बीएसएल को नहीं मिली विदेशी पहचान की जिम्मेदारी: राजद बोकारो
बोकारो, झारखंड: बीएसएल सुरक्षा विभाग में कार्यरत डीजीएम शेखावत द्वारा झोपड़ियों को तोड़े जाने और निवासियों को “बांग्लादेशी” कहे जाने पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को राजद के जिला कार्यालय, सेक्टर-9 में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष बुद्ध नारायण यादव और प्रदेश महासचिव घनश्याम चौधरी ने शेखावत के बयान को “सांप्रदायिक मानसिकता” से प्रेरित बताते हुए उनकी निंदा की।
राजद नेताओं ने कहा कि बोकारो का कोई भी भूभाग बांग्लादेश सीमा से नहीं जुड़ता, फिर भी यहां के गरीब मुस्लिम नागरिकों को ‘विदेशी’ बताना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अगर बोकारो में बांग्लादेशी रहते हैं, तो यह गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री की विफलता है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि शेखावत आरएसएस की मानसिकता के हैं और उनकी हरकतें सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली हैं। राजद ने मांग की कि शेखावत को बीएसएल की जिम्मेदारी से हटाकर सीमा पर भेजा जाए, जहां उनकी “विदेशी पहचानने” की कथित विशेषज्ञता अधिक उपयोगी हो सकती है।
राजद ने सभी समुदायों—हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई—के गरीबों को भारतीय बताते हुए सांप्रदायिक राजनीति से दूर रहने की अपील की।







