चास धर्मशाला मोड़ पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
चास: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। चास नगर कमेटी द्वारा धर्मशाला मोड़ पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सैकड़ों लोगों ने उन्हें अंतिम प्रणाम अर्पित किया। इस अवसर पर झामुमो विधायक उमाकांत रजक, राजपाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष बेबी देवी, शिबू सोरेन के पुराने मित्र प्रयाग केजरीवाल, तथा जीएम के अनेक नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
“गुरुजी का जाना अपूरणीय क्षति” — उमाकांत रजक
श्रद्धांजलि सभा में अपने संबोधन में चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक ने कहा:
“वर्ष 1980 में मुझे गुरुजी, विनोद बिहारी महतो और ए.के. राय जैसे नेताओं के साथ काम करने का अवसर मिला। गुरुजी का जाना राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।“
उन्होंने आगे कहा कि शिबू सोरेन की आत्मा में झारखंड बसता था। वे आदिवासी, दलित, गरीब और कमजोर वर्गों के लिए बरगद के पेड़ की तरह थे — जो सभी को संरक्षण देते थे।
“हम उनके दिखाए मार्ग पर चलकर झारखंड के निर्माण में अपना योगदान देंगे,” उन्होंने संकल्प लिया।
जननायक को श्रद्धांजलि देने पहुंचे समाज के हर वर्ग के लोग
सभा में वक्ताओं ने शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन, आदिवासी हितों की रक्षा में उनकी भूमिका और झारखंड अलग राज्य आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। प्रयाग केजरीवाल ने गुरुजी के साथ बिताए पुराने पलों को साझा करते हुए कहा कि वे हमेशा जनभावनाओं के नेता रहे।
सभा के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।







