जनता की आवाज़ सुनना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी: उपायुक्त
बोकारो: जनता की आवाज़ सुनना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना ही प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यह बातें उपायुक्त अजय नाथ झा ने मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि जनता दरबार शासन-प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम है। इससे न केवल समस्याओं का प्रत्यक्ष समाधान होता है, बल्कि प्रशासनिक तंत्र पर जनता का विश्वास भी मजबूत होता है।
प्रखंड स्तर पर भी नियमित रूप से हो रहा आयोजन
उपायुक्त ने बताया कि जनता दरबार केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि प्रखंडों में भी आयोजित किया जा रहा है। प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन सुनिश्चित किया जाता है, ताकि अधिक से अधिक लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर हो सके।
54 मामलों की हुई सुनवाई, कई का मौके पर निष्पादन
आज आयोजित जनता दरबार में कुल 54 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें भूमि विवाद, पेंशन, पारिवारिक कलह, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, आवास, राशन कार्ड और अन्य जनसुविधा से जुड़े विषय प्रमुख रहे।
उपायुक्त ने सभी मामलों की गंभीरता से सुनवाई की और कई आवेदनों का निष्पादन मौके पर ही कर दिया। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री के निर्देश
जन शिकायत के प्रभारी पदाधिकारी को निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि अगले जनता दरबार से कंप्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था कर आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित की जाए। इससे मामलों के निष्पादन की निगरानी आसान होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। इस संबंध में सभी आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने को कहा गया।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
जनता दरबार के दौरान उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा पीयूष, जिला आपूर्ति पदाधिकारी शालिनी खालखो, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, सीएसआर नोडल पदाधिकारी शक्ति कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








