रेलवे कैडर पुनर्गठन बैठक: रेलवे बोर्ड और एआईआरएफ की वार्ता में उठीं 15 प्रमुख मांगें
धनबाद: रेल भवन, दिल्ली में आज रेलवे कैडर पुनर्गठन को लेकर रेलवे बोर्ड और ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के बीच एक अहम बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक संचालन (ईडीपीसी) ने की, जबकि एआईआरएफ की ओर से महासचिव शिव गोपाल मिश्रा, वर्किंग प्रेसिडेंट कॉम. जे.आर. भोसले और सहायक महामंत्री कॉम. एस.के. त्यागी ने भाग लिया।
ईसीआरकेयू के अपर महामंत्री और एआईआरएफ वर्किंग कमिटी सदस्य मो. ज़्याऊद्दीन ने बताया कि लंबे समय बाद हुई इस कोर कमिटी की बैठक में कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए फेडरेशन ने 15 महत्वपूर्ण मांगें रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कीं।
प्रमुख मांगें जो एआईआरएफ ने रखीं:
कैडर पुनर्गठन 01.11.2023 से प्रभावी किया जाए।
ट्रैक मेंटेनर के लेवल-4 को लेवल-5 में मर्ज किया जाए और प्रतिशत में सुधार हो।
तकनीशियन के लेवल-4 को लेवल-5 में विलीन किया जाए, वरिष्ठ तकनीशियन को लेवल-7 दिया जाए।
ट्रेन्स क्लर्क को लेवल-6 में प्रोन्नति दी जाए।
फार्मासिस्ट का प्रारंभिक ग्रेड लेवल-6 से शुरू हो।
लोको रनिंग स्टाफ को लेवल-7 और 8 में अपग्रेड किया जाए।
ट्रेन मैनेजर कैडर में लेवल-6 को भर्ती ग्रेड और उच्च ग्रेड प्रतिशत आधारित हों।
स्टाफ कैंटीन के लेवल-2 को लेवल-3 में मर्ज किया जाए।
लेवल-1 कर्मचारियों के 30% पदों को लेवल-2 में अपग्रेड किया जाए।
टिकट चेकिंग वाणिज्य कैडर का पुनर्गठन पूर्व 2018 पद संरचना के अनुसार हो।
सुपरवाइजर कैडर में 4 स्तरों की ग्रेडिंग लागू की जाए – लेवल 6, 7, 8, 9।
चिकित्सा विभाग के सभी पदों में सुधार शामिल किया जाए।
स्टेनोग्राफर को समकक्ष वेतन और ग्रेड मिलें।
पॉइंट्समैन को लेवल-6 और चार-ग्रेड संरचना शीघ्र लागू हो।
अब तक वंचित श्रेणियों में कैडर पुनर्गठन को प्राथमिकता पर लिया जाए।
फेडरेशन को मिला सकारात्मक आश्वासन
बैठक में सरकारी पक्ष ने आश्वासन दिया कि प्रस्तुत मांगों पर परीक्षण कर ड्राफ्ट तैयार कर मंत्रालय को भेजा जाएगा, ताकि निर्णायक सहमति बन सके।
एआईआरएफ के जोनल सचिव ओ.पी. शर्मा ने कहा कि यह बैठक रेलवे कर्मचारियों के आर्थिक उन्नयन और पदोन्नति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
धनबाद से मिला व्यापक समर्थन
इस बैठक में उठाए गए मुद्दों को लेकर धनबाद शाखा की 14 यूनियन इकाइयों और महिला व युवा समिति के सदस्यों ने केंद्रीय नेतृत्व का समर्थन करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इनमें नेताजी सुभाष, सोमेन दत्ता, एन.के. खवास, जितेंद्र कुमार साव, बी.के. साव, बसंत दुबे, चंदन शुक्ल, आर.एन. चौधरी, अजीत कुमार मंडल आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
निष्कर्ष:
रेलवे बोर्ड और एआईआरएफ के बीच हुई यह बैठक रेलवे कर्मचारियों के हित में मील का पत्थर साबित हो सकती है। यदि प्रस्तावित मांगों पर सहमति बनती है, तो इससे लाखों कर्मचारियों को पदोन्नति, वेतन ग्रेड सुधार और आर्थिक स्थायित्व का लाभ मिलेगा।








