IIT-ISM धनबाद के 100 वर्ष: राष्ट्रपति मुर्मू ने दीक्षांत समारोह में किया संबोधन, विशेष डाक टिकट भी जारी
धनबाद (1 अगस्त 2025): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी दो दिवसीय झारखंड यात्रा के दूसरे दिन शुक्रवार को IIT-ISM धनबाद के 45वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए तकनीकी शिक्षा के महत्व और इसके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला।
समारोह के खास अवसर पर राष्ट्रपति ने संस्थान की स्थापना के 100 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया। यह टिकट न केवल इस संस्थान की ऐतिहासिक यात्रा को सम्मान देता है, बल्कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की प्रगति का प्रतीक भी है।
राष्ट्रपति का प्रेरणादायक संदेश
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा:
“IIT-ISM धनबाद ने पिछले 100 वर्षों में जिस तरह से तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्टता कायम की है, वह देश के लिए गर्व की बात है। विद्यार्थियों से मेरा आग्रह है कि वे नवाचार के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी प्राथमिकता दें।”
IIT-ISM धनबाद: एक शताब्दी की विरासत
1919 में इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान वर्ष 2025 में 100 वर्ष का हो चुका है। खनन, भू-विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इस संस्थान ने वैश्विक मानकों की शिक्षा प्रदान की है।
दीक्षांत समारोह की प्रमुख बातें:
हजारों विद्यार्थियों को डिग्रियां और पदक प्रदान किए गए।
विशेष अतिथियों और पूर्व छात्रों की उपस्थिति में समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ।
परिसर में सांस्कृतिक और तकनीकी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।
यह समारोह न केवल संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि युवा इंजीनियरों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का एक प्रेरणास्रोत भी बना।







