सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने बच्चों को खिलाई कृमिनाशक दवा
बोकारो: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, चास में मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को अपने सामने कृमि की दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की।
राष्ट्रीय कृमि दिवस का आयोजन पेट के कीड़ों (कृमि) से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने के उद्देश्य से किया जाता है। इसके तहत बच्चों को मुफ्त कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल दी जाती है।
जिले के 3.18 लाख बच्चों को दवा
सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने बताया कि जिले में कुल 3,18,034 लाभार्थियों को कृमि की दवा दी जाएगी। इनमें—
01–05 आयु वर्ग के 1,22,596 बच्चे
06–19 आयु वर्ग के 1,95,438 बच्चे शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 01–05 वर्ष के बच्चों को दवा चूरकर साफ पानी में मिलाकर खिलानी होगी, जबकि 06–19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षक या अभिभावक की देखरेख में ही दवा दी जाएगी। किसी भी बच्चे को दवा घर ले जाकर खाने की अनुमति नहीं होगी।
अभियान का उद्देश्य
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का मुख्य उद्देश्य 01–19 वर्ष के बच्चों और प्रजनन आयु की महिलाओं (जो गर्भवती नहीं हैं) को मुफ्त कृमि नाशक दवा उपलब्ध कराना है। इससे—
बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार,
शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव,
और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।
कार्यक्रम में उपस्थित
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी चास डॉ. अनिल कुमार, विद्यालय प्राचार्य, स्वास्थ्य विभाग के चन्द्रशेखर एवं मधुमिता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।







