92 ठेका मजदूरों के हक की लड़ाई में गरजा मजदूर संगठन, 12-13 अगस्त को दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा
बोकारो: कोक ओवेन एंड कोक केमिकल विभाग के अंतर्गत आने वाले कोक शॉर्टिंग प्लांट में कार्यरत 92 ठेका मजदूरों को महज 21 दिन की ड्यूटी देना अब आंदोलन का रूप ले चुका है। शनिवार को भारी बारिश के बीच मजदूरों ने विभाग के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बी.के. चौधरी ने इसे श्रम कानून का सीधा उल्लंघन बताया।
बी.के. चौधरी ने अपने संबोधन में कहा, “26 दिन की जगह 21 दिन की ड्यूटी देना मजदूरों के जीवन पर सीधा प्रहार है। कोक शॉर्टिंग प्लांट 24×7 चलने वाला विभाग है, जहां लगातार तीनों पालियों में काम होता है। कंपनी 26 दिन काम देने को तैयार है लेकिन विभाग केवल 21 दिन का वेतन दे रहा है, जिससे मजदूरों को करीब 51 लाख रुपये की मजदूरी से वंचित किया जा रहा है।”
जय झारखंड मजदूर समाज का कहना है कि यह काम पहले स्थायी इस्पाकर्मियों द्वारा किया जाता था, जिसे अब ठेका श्रमिकों से करवाया जा रहा है। इस काम में साइकिल भत्ता, कैंटीन सुविधा, हिट डस्ट अलाउंस, रात्रि पाली बोनस और इंसेंटिव जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
सितंबर 2025 से हो रहा शोषण, प्रबंधन रहा अडिग
बी.के. चौधरी ने बताया कि यह मुद्दा सितंबर 2025 से चल रहा है और लगातार संगठन द्वारा विरोध किया गया, लेकिन प्रबंधन ने कोई सुध नहीं ली। “अब जब मजदूरों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट आ गया है, तो मजबूरी में हमें 12-13 अगस्त को दो दिवसीय हड़ताल का नोटिस देना पड़ा है,” उन्होंने कहा।
प्रदर्शन में भारी संख्या में मजदूरों की भागीदारी
प्रदर्शन का संचालन यूनियन के संयुक्त महामंत्री अनिल कुमार ने किया। इस कार्यक्रम में एन.के. सिंह, सी.के.एस. मुंडा, रोशन कुमार, आर.वी. सिंह, तुलसी साहू, रामेश्वर मांझी, मोहन मरांडी, विनोद, अरूप मंडल, मनोज एक्का, आई. अहमद समेत कई अन्य पदाधिकारी और मजदूर उपस्थित थे।
यह आंदोलन बोकारो स्टील में मजदूर अधिकारों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो यह संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है।







