मीडिया जगत में फर्जीवाड़े पर रोक के लिए पत्रकारों का निबंधन जरुरी – AISMJWA
मुख्यमंत्री के नाम जामताड़ा डीसी को सौंपा गया ज्ञापन
🖋 जामताड़ा | संवाददाता
गुरुवार को ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन (AISMJWA) की ओर से जामताड़ा समाहरणालय परिसर में उपायुक्त रवि आनंद को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मीडिया जगत में फर्जी पत्रकारों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की गई और पत्रकारों के निबंधन को अनिवार्य करने की मांग की गई।
🔍 फर्जी पत्रकारों से बढ़ रहा पत्रकारिता पेशे का अवमूल्यन
जिला अध्यक्ष सुमन भट्टाचार्य ने कहा कि बीते वर्षों में पत्रकार सुरक्षा कानून, बीमा, पेंशन जैसी योजनाओं की मांग की जाती रही है, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती फर्जी पत्रकारों की है। हर मोहल्ले और गली से बिना वैध पहचान के लोग “पत्रकार” बनकर उभर रहे हैं और कई बार आपराधिक गतिविधियों में भी लिप्त पाए जा रहे हैं।
इन फर्जी पत्रकारों के पास न तो पंजीकृत मीडिया हाउस होते हैं, न ही पत्रकारिता का प्रशिक्षण। ये लोग वाहनों पर प्रेस का लोगो लगाकर घूमते हैं और कोयला, बालू, शराब माफिया जैसे अवैध धंधों से जुड़कर पत्रकारिता की साख को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
📑 निबंधन प्रक्रिया और मीडिया संवाद की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि:
राज्य के सभी पत्रकारों का जिला स्तर पर सरकारी निबंधन अनिवार्य हो।
सभी निबंधित पत्रकारों को जनसंपर्क पदाधिकारी के हस्ताक्षर से पहचान पत्र दिया जाए।
राज्य सरकार द्वारा प्रमंडल स्तर पर मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित हो, जिसमें पत्रकारों की समस्याओं और सुविधाओं पर चर्चा हो।
जिला उपाध्यक्ष चंचल गिरी ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार द्वारा पहले भी बीमा और मीडिया संवाद जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अब जरूरत है ठोस पहल की, जिससे पत्रकारिता की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हो।
इस अवसर पर संगठन मंत्री शेख शमीम सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।







