ई-ऑफिस प्रणाली से कार्यकुशलता, पारदर्शिता और पर्यावरण को मिलेगा बढ़ावा
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के सभी विभागों और कार्यालयों को अगले छह महीनों में पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल बनाने का बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत ‘ई-ऑफिस सिस्टम’ को लागू करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। सोमवार को राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने सभी विभागों के प्रमुखों के साथ इस डिजिटल पहल को लेकर समीक्षा बैठक की।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जनवरी 2026 से पहले सभी विभागों में यह प्रणाली पूरी तरह लागू हो जानी चाहिए। उन्होंने रेलटेल, एनआईसी और जैपआईटी के तकनीकी विशेषज्ञों को स्पष्ट टाइमलाइन के साथ काम तेज करने के निर्देश दिए।
फाइलों की सुरक्षा सर्वोपरि, साइबर सुरक्षा पर रहेगा फोकस
बैठक में मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि चूंकि सरकारी फाइलें बेहद संवेदनशील होती हैं, इसलिए डिजिटल सिस्टम को साइबर फ्रॉड से पूर्णतः सुरक्षित बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि पहले चरण में सभी पुरानी फाइलों को स्कैन कर PDF फॉर्मेट में अपलोड किया जाए ताकि डिजिटल निर्णय प्रक्रिया में फिजिकल फाइलों पर निर्भरता खत्म हो।
अधिकारी दफ्तर से बाहर रहकर भी ले सकेंगे निर्णय
मुख्य सचिव तिवारी ने कहा कि ई-ऑफिस सिस्टम ऐसा हो जिससे अधिकारी ऑफिस से बाहर रहते हुए भी फाइलों पर कार्य और निर्णय ले सकें। इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और अनावश्यक विलंब से बचा जा सकेगा।
चार विभागों में शुरू हो चुका है पायलट प्रोजेक्ट
फिलहाल राज्य के चार विभागों—
कार्मिक विभाग
प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग
वित्त विभाग
आईटी एवं ई-गवर्नेंस विभाग
में ई-ऑफिस सिस्टम की शुरुआत हो चुकी है। इन विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अन्य विभागों को इस प्रक्रिया से जल्द जोड़ने के लिए ईमेल अकाउंट्स को ई-ऑफिस सिस्टम से जोड़ा जा रहा है।
पेपरलेस सिस्टम से होंगे कई फायदे
मुख्य सचिव ने कहा कि इस सिस्टम के आने से:
फाइलें एक क्लिक पर उपलब्ध होंगी
फोटोकॉपी की जरूरत नहीं होगी
आग, बाढ़ या फंगस से सुरक्षा मिलेगी
फैसले तेजी से होंगे और पारदर्शिता बढ़ेगी
भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी
कार्यकुशलता में सुधार होगा
कागज की खपत घटेगी, जिससे पर्यावरण को लाभ पहुंचेगा
झारखंड सरकार का यह कदम न केवल सरकारी कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाएगा, बल्कि डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूत करेगा। यदि यह योजना तय समय पर लागू होती है, तो झारखंड देश के उन गिने-चुने राज्यों में शामिल होगा, जहां संपूर्ण सरकारी प्रणाली पूरी तरह डिजिटल होगी।







