बंद खदान बनी खतरे की वजह, प्रशासन और BCCL पर लापरवाही के आरोप
धनबाद/झरिया: झारखंड की कोयलानगरी झरिया में एक बार फिर जमीन धंसने की घटना ने लोगों में दहशत फैला दी है। चौथाई कुलहि इलाके में अचानक जमीन धंसने से एक दर्जन से अधिक घरों में दरारें आ गई हैं, जिससे लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
🔴 एक दर्जन से ज्यादा घरों पर खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई घरों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जबकि कुछ मकान गिरने की कगार पर हैं। स्थिति को देखते हुए कई परिवारों ने एहतियातन अपने घर खाली कर दिए हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है।
🌍 जमीन फटने से बढ़ी दहशत
इलाके में लगातार जमीन फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पहले छोटी दरारें दिखीं, लेकिन अब वे तेजी से चौड़ी हो रही हैं। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है।
⛏️ बंद खदान बना बड़ा कारण
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि इस क्षेत्र में पहले संचालित कोयला खदान और उसके नीचे बने खाली हिस्से जमीन धंसने की मुख्य वजह हैं। झरिया क्षेत्र पहले भी भूमिगत आग और खदानों के कारण इस तरह की घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है।
⚡ प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि अब तक जिला प्रशासन और BCCL के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और त्वरित राहत कार्य शुरू करने की मांग की है।
👉 फिलहाल पूरे इलाके में भय का माहौल है और लोग किसी भी अनहोनी से सहमे हुए हैं।







