मासिक अपराध गोष्ठी में एसपी ने दिए कड़े निर्देश, लंबित कांडों का शीघ्र निष्पादन करने का आदेश
जामताड़ा: पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता की अध्यक्षता में जिले की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारी, प्रभाग निरीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नाला-जामताड़ा तथा सभी शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक में अगस्त माह 2025 के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित कांडों की विस्तृत समीक्षा की गई।
लंबित मामलों पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों और सर्कल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में पूर्व से लंबित सभी मामलों का त्वरित अनुसंधान कर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
विशेष रूप से —
साइबर अपराध, महिला उत्पीड़न और पोक्सो मामलों में 50 दिनों के भीतर अनुसंधान पूर्ण कर आरोप पत्र प्रस्तुत किए जाएं।
प्रत्येक थाना और ओपी में लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा कर साप्ताहिक रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारकर अपराधियों को न्यायालय से सजा दिलाने पर बल दिया जाए।
कम्युनिटी पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण
एसपी ने निर्देश दिया कि—
कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत क्षेत्रों में महिला उत्पीड़न, साइबर अपराध जागरूकता एवं सुरक्षा से संबंधित कार्यक्रम चलाए जाएं।
पड़ोसी एवं अंतरजिला थानों के साथ समन्वय स्थापित कर अपराधियों की सूचना का आदान-प्रदान किया जाए।
वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ कर चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए।
महत्वपूर्ण व्यावसायिक स्थानों पर अधिक से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर निगरानी बढ़ाई जाए।
अवैध खनन और शराब पर सख्ती
एसपी ने अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई करने का आदेश दिया—
अवैध कोयला, बालू और पत्थर खनन एवं परिवहन पर पूर्ण नियंत्रण के लिए छापेमारी की जाए।
अवैध शराब और मादक पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं परिवहन पर भी कठोर कार्रवाई की जाए।
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश
सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वाहन जांच बढ़ाई जाए और नियम उल्लंघन करने वालों पर एमवी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
पुलिस का सर्वोच्च लक्ष्य – जनता की सुरक्षा
बैठक के अंत में एसपी राजकुमार मेहता ने स्पष्ट कहा कि “जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस का सर्वोच्च लक्ष्य है। अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”








