शिव अस्पताल में बिना लाइसेंस अल्ट्रासाउंड: DIMC की कार्रवाई में खुला बड़ा मामला
बोकारो: शुक्रवार को गुप्त सूचना के आधार पर पीसीपीएनडीटी एक्ट (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) के अनुपालन को लेकर गठित जिला इंस्पेक्शन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (DIMC) ने चास अनुमंडल क्षेत्र स्थित आइटीआई मोड़ के पास शिव अस्पताल में औचक छापेमारी की।
इस कार्रवाई का नेतृत्व अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) चास प्रांजल ढांडा ने किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में बिना वैध लाइसेंस के डॉ. महेंद्र कुमार को एक महिला का अल्ट्रासाउंड करते रंगे हाथों पकड़ा गया। यह कार्रवाई पीसीपीएनडीटी एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन है, जो लिंग परीक्षण जैसे संवेदनशील मामलों पर प्रतिबंध लगाने के लिए सख्ती से लागू है।
अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त, अस्पताल की जांच तेज
टीम ने मौके से अल्ट्रासाउंड मशीन सहित अन्य जरूरी दस्तावेज और उपकरण जब्त किए। अंचलाधिकारी चास दिवाकर दूबे की देखरेख में जब्ती सूची तैयार की गई और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
उपायुक्त को दी गई जानकारी, चिकित्सक से मांगा गया स्पष्टीकरण
मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने उपायुक्त अजय नाथ झा को तत्काल सूचना दी। उपायुक्त ने मामले का संज्ञान लेते हुए चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगने और आगे कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
गैरकानूनी लिंग परीक्षण पर सख्त नजर
DIMC की यह कार्रवाई जिले में पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समिति का उद्देश्य है कि लिंग निर्धारण जैसे गैरकानूनी कृत्यों पर पूरी तरह से नकेल कसी जाए और भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो।
कार्रवाई के दौरान ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
शक्ति कुमार (DIMC के नोडल पदाधिकारी)
डॉ. एन. पी. सिंह (उपाधीक्षक, सदर अस्पताल)
कंचन कुमारी (डिस्ट्रिक्ट डाटा मैनेजर)
अन्य स्वास्थ्य विभाग व प्रशासनिक अधिकारी
📌 नोट: पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन पर सजा के प्रावधानों में तीन साल तक की जेल और ₹50,000 तक का जुर्माना शामिल है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








