RPF और AHTU की संयुक्त कार्रवाई से 9 लड़कियों को तस्करी से बचाया गया, तीन तस्कर गिरफ्तार
रांची: मानव तस्करी के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। RPF कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर रांची रेलवे स्टेशन पर “ऑपरेशन AAHT (Action Against Human Trafficking)” के तहत चलाए गए विशेष अभियान में एक मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया गया।
प्लेटफार्म संख्या-1 के फुट ओवर ब्रिज के पास संदिग्ध हालत में 9 लड़कियां और 2 पुरुष पाए गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा पूछताछ में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सभी को RPF पोस्ट लाया गया।
पूछताछ में खुला तस्करी का राज
गहन पूछताछ में यह सामने आया कि तीन आरोपी—श्रुति देवी, कुंदन कुमार और रंधीर कर्माली—इन लड़कियों को तमिलनाडु में नौकरी देने का झांसा देकर ले जाने की योजना बना रहे थे। यह भी पता चला कि आरोपी प्रत्येक लड़की से ₹2000–₹3000 का कमीशन लेते थे, साथ ही ₹20 प्रतिदिन प्रति लड़की की दर से अतिरिक्त पैसा भी वसूलते थे।
कुंदन कुमार के मोबाइल फोन से कई लड़कियों के आधार कार्ड की तस्वीरें और संदिग्ध व्हाट्सएप चैट्स भी बरामद हुए। किसी के पास वैध दस्तावेज नहीं पाए गए।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर AHTU/लालपुर कोतवाली को सौंप दिया गया। AHTU ने इस संबंध में धारा 143(3)/3(5) बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
ऑपरेशन में शामिल अधिकारी
यह सफलता RPF और AHTU की टीम के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। विशेष रूप से निम्नलिखित अधिकारियों का योगदान उल्लेखनीय रहा:
IPF: शिशुपाल कुमार
SI: सुरज पांडेय
AHTU टीम: SI सोहनलाल, HC अभिषेक कुमार यादव, CT संजय यादव, LC दिव्या सिंह
NF टीम: SI सुनीता कुमारी, LC पिंकी कच्छप
निष्कर्ष:
ऑपरेशन AAHT के अंतर्गत रांची रेलवे स्टेशन पर की गई यह कार्रवाई मानव तस्करों पर बड़ा प्रहार है। इस अभियान से न केवल 9 युवतियों की तस्करी रोकी गई बल्कि एक संगठित गिरोह के खिलाफ कानूनी शिकंजा भी कसा गया। RPF की यह तत्परता समाज को सुरक्षित रखने की दिशा में एक प्रशंसनीय प्रयास है।







