जामताड़ा पुलिस की हेलमेट जागरूकता मुहिम बनी मिसाल, बिना जुर्माना दिए बढ़ाया सुरक्षा का संदेश
जामताड़ा: झारखंड के जामताड़ा जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा एक अनोखी और सराहनीय पहल की गई है। जिले के एसपी राजेश कुमार मेहता के निर्देश पर जामताड़ा टाउन थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया, जिसमें बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चालकों को रोका गया और उन्हें चालान की जगह समझाकर जागरूक किया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को हेलमेट पहनने की अनिवार्यता के बारे में जागरूक करना था। मौके पर पुलिस ने चालकों से संवाद कर उन्हें यह समझाया कि हेलमेट केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का माध्यम है।
इस पहल की खास बात यह रही कि किसी भी वाहन चालक से जुर्माना नहीं लिया गया, बल्कि उन्हें सड़क सुरक्षा के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस मानवीय दृष्टिकोण से लोगों में सकारात्मक भाव उत्पन्न हुआ और पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ा।
पहली बार मिली समझाईश, नहीं लगा जुर्माना
अभियान में भाग लेने वाले कई वाहन चालकों ने बताया कि यह पहली बार हुआ जब बिना हेलमेट पकड़े जाने पर उनसे जुर्माना नहीं वसूला गया, बल्कि अच्छे शब्दों में उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इससे लोगों के मन में कानून के प्रति सम्मान भी बढ़ा है।
पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद की ओर एक कदम
एसपी राजेश कुमार मेहता ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि “सड़क पर हेलमेट पहनना सिर्फ कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि खुद की और अपने परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।”
यह अभियान पुलिस और आम जनता के बीच संबंधों को मजबूत करने में भी सहायक बन रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखी जा रही है।
निष्कर्ष:
जामताड़ा जिले की यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा को प्रोत्साहित करती है, बल्कि एक नई सोच को भी जन्म देती है कि समझाइश और संवाद से भी समाज में बदलाव लाया जा सकता है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इस तरह के और अभियान देखने को मिलेंगे और दुर्घटनाओं में निश्चित ही कमी आएगी।







