सात सूत्री मांगों को लेकर हाड़ी जाति विकास मंच ने राजभवन के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया
रांची: सात सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को हाड़ी जाति विकास मंच के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने राजभवन के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि झारखंड में हाड़ी समुदाय लंबे समय से आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन से जूझ रहा है, लेकिन सरकार अब तक उनकी समस्याओं की ओर गंभीर नहीं हुई है।
हाड़ी जाति विकास मंच की मुख्य मांगें
धरना स्थल पर मंच के नेताओं और समुदाय के लोगों ने अपनी सात प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी—
झारखंड अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया जाए।
नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति की शैक्षणिक योग्यता केवल साक्षर निर्धारित की जाए।
भूमिहीन हाड़ी समुदाय को स्थायी रूप से बसने के लिए 5 डिसमिल जमीन दान स्वरूप दी जाए।
सरकारी जमीन पर वर्षों से रह रहे हाड़ी समुदाय को जमीन का पट्टा उपलब्ध कराया जाए।
झारखंड में सफाई कर्मचारी आयोग का गठन किया जाए।
नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों में 10 वर्षों से कार्यरत कर्मियों को स्थायी किया जाए।
हाड़ी समुदाय के छात्र-छात्राओं को आवास प्रमाणपत्र एवं जाति प्रमाणपत्र निर्गत किया जाए।
वक्ताओं का आरोप
धरना में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हाड़ी समुदाय सफाई कार्य और छोटे-मोटे मजदूरी पर निर्भर है, लेकिन उन्हें न तो स्थायी रोजगार मिल रहा है और न ही मूलभूत सुविधाएं। सरकार की लापरवाही से इस समाज के युवा शिक्षा और रोजगार दोनों से वंचित हो रहे हैं।
सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग
धरना के दौरान हाड़ी जाति विकास मंच के नेताओं ने राज्यपाल से मांग की कि उनकी सात सूत्री मांगों पर तत्काल सकारात्मक कदम उठाया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में राज्यव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा।







