कस्बा गांव में मातम और आक्रोश
गोड्डा: जिले के कस्बा गांव स्थित मदरसे में 14 वर्षीय छात्रा अमनुर खातून की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।
घटना के बाद गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
“यह आत्महत्या नहीं, हत्या है” – मौलाना रकीब अंसारी
मामले को लेकर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जामताड़ा जिला अध्यक्ष मौलाना रकीब अंसारी ने गहरी नाराज़गी जताई।
उन्होंने कहा –
अमनुर खातून की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि निर्मम हत्या है।
प्रशासन को तुरंत दोषियों की गिरफ्तारी कर कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए।
मदरसे से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
अंसारी ने घटना को समाज के लिए शर्मनाक बताया और कहा कि एक मासूम बेटी की मौत ने इंसानियत को झकझोर दिया है।
आंदोलन की चेतावनी
मौलाना अंसारी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कठोर कदम नहीं उठाए तो लोग सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उन्होंने अपील की कि किसी भी आरोपी को बचाने की कोशिश न की जाए और पीड़ित परिवार को हर हाल में इंसाफ मिलना चाहिए।
ग्रामीणों ने जताई आशंका
स्थानीय ग्रामीणों ने आशंका जताई कि इस मामले को दबाने की कोशिश हो सकती है।
उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक शांति संभव नहीं है।
परिजनों का कहना है कि वे अपनी बेटी के लिए हर हाल में न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।
जांच जारी
मामला फिलहाल पुलिस जांच के अधीन है।
प्रशासन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, लेकिन क्षेत्रीय लोगों का दबाव लगातार बढ़ रहा है कि अमनुर खातून को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।







