EWS प्रमाण पत्र बनाने में मनमानी का आरोप, विस्थापितों के जाति-आवासीय प्रमाण पत्र जारी करने की भी उठी मांग
बोकारो के चास अंचल कार्यालय में ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण पत्र निर्गत करने में कथित मनमानी और आम लोगों को परेशान किए जाने का मामला अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कुमार अमित ने इस मुद्दे को लेकर चास अनुमंडलाधिकारी (SDM) प्रांजल डांढा से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई।
इस दौरान कुमार अमित ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि चास के वर्तमान अंचलाधिकारी (सीओ) द्वारा ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर लोगों से अनावश्यक दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानी हो रही है।
“पूर्व में केवल आय और आवासीय प्रमाण पत्र से बनता था EWS”
कुमार अमित ने कहा कि पहले चास अंचल में आय और आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर ही EWS प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता था। वर्तमान में भी जिले के अन्य अंचलों में इसी प्रक्रिया का पालन हो रहा है, लेकिन केवल चास अंचलाधिकारी द्वारा अलग नियम लागू कर लोगों को परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों के निर्देशों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है, जो चिंताजनक है।
विस्थापित परिवारों के प्रमाण पत्र नहीं बनने पर जताई चिंता
भाजपा नेता ने बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के विस्थापित परिवारों के आवासीय, आय और जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपनी जमीन देकर बोकारो शहर बसाने में योगदान दिया, वे आज पहचान और सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। प्रशासन द्वारा प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाने से विस्थापित ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
DPLR प्रमाण पत्र के आधार पर दस्तावेज जारी करने की मांग
कुमार अमित ने एसडीएम से मांग की कि DPLR द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र के आधार पर विस्थापित परिवारों को जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र जारी किए जाएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके।
SDM ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
मामले को गंभीरता से सुनने के बाद चास अनुमंडलाधिकारी प्रांजल डांढा ने संबंधित मांगों पर जल्द उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।







