बीएसएल ने पहली बार चेकर प्लेट रोलिंग कर रचा इतिहास
बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) ने पहली बार सफलतापूर्वक चेकर प्लेट रोलिंग कर उत्पादन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। यह उपलब्धि न केवल बीएसएल की उन्नत तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, बल्कि उत्पाद विविधीकरण, बाजार विस्तार और राजस्व वृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।
प्रायोगिक चरण में 12 कॉयल्स का सफल उत्पादन
प्रायोगिक रोलिंग चरण में 1,250 मिमी से 1,500 मिमी चौड़ाई तथा 5–6 मिमी मोटाई के कुल 12 कॉयल्स का उत्पादन किया गया। यह संपूर्ण प्रक्रिया बीएसएल की तकनीकी टीम द्वारा आंतरिक संसाधनों, माइक्रो प्लानिंग, उपयुक्त मशीन सेट-अप और निरंतर निगरानी के माध्यम से सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
यह उपलब्धि साबित करती है कि बीएसएल जटिल तकनीकी कार्यों को बिना बाहरी सहायता के भी मानक गुणवत्ता के साथ पूरा करने में सक्षम है।
चेकर प्लेट की भारी मांग, बीएसएल बनेगा बड़ा योगदानकर्ता
देश में चेकर प्लेट की वार्षिक मांग लगभग 3.60 लाख टन आंकी गई है। बीएसएल में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने के साथ, नियमित एचआर कॉयल उत्पादन के अतिरिक्त प्रतिमाह लगभग 30,000 टन की वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
एचआर कॉयल की तुलना में चेकर प्लेट पर प्रति टन लगभग ₹1,500 अधिक नेट सेल्स रियलाइजेशन (NSR) मिलने से बीएसएल के वित्तीय परिणामों में भी उल्लेखनीय बढ़त होगी।
वाणिज्यिक उत्पादन हेतु तेज़ी से हो रहा तकनीकी आधुनिकीकरण
बीएसएल में चेकर प्लेट के स्थायी और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन हेतु कई आधुनिकीकरण कार्य तीव्र गति से जारी हैं—
एडामाइट रोल्स की खरीद
L1 एवं L2 ऑटोमेशन सिस्टम्स का उन्नयन
आवश्यक आईएसओ प्रमाणन
इन सभी कार्यों के जनवरी 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि पहले चेकर प्लेट उत्पादन की क्षमता सेल के राउरकेला स्टील प्लांट में थी, जबकि अब बीएसएल इस उत्पाद की तकनीकी और वाणिज्यिक क्षमता को सफलतापूर्वक प्रदर्शित करने वाला एकमात्र सेल प्लांट बनकर उभरा है।
नेतृत्व का मार्गदर्शन और टीम की उत्कृष्ट भूमिका
इस उपलब्धि को साकार करने में अधिशासी निदेशक (संकार्य) प्रिय रंजन, अधिशासी निदेशक (ऑपरेशन) अनूप कुमार दत्त, तथा मुख्य महाप्रबंधक (हॉट स्ट्रिप मिल) पी. के. वर्मा का विशेष मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा।
शीर्ष प्रबंधन ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीम भावना, तकनीकी नवाचार और कार्य के प्रति समर्पण का परिणाम है।







