वित्तीय अनुशासन पर जोर, साल में दो बार अनिवार्य निरीक्षण का आदेश
बोकारो: जिले में वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को उपायुक्त अजय नाथ झा और उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने जिला कोषागार का निरीक्षण कर वित्तीय कार्यों की समीक्षा की।
⚖️ वित्तीय अनुशासन पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि वित्तीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
📅 साल में दो बार होगा निरीक्षण
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि हर वित्तीय वर्ष में अप्रैल और अक्टूबर माह में कोषागार का अनिवार्य निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि निरीक्षण के बाद ही संबंधित माह का वेतन निर्गत किया जाएगा।
🚨 गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया कि यदि किसी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
📊 पुराने निर्देशों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जिला कोषागार पदाधिकारी को दिए गए पूर्व निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई, जिसमें संतोषजनक प्रगति पाई गई।
💰 वेतन भुगतान से पहले जांच जरूरी
उपायुक्त ने सभी डीडीओ को निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के वेतन मद की जांच कर रिपोर्ट समिति को प्रस्तुत करें।
👉 समिति से क्लीयरेंस मिलने के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
👥 ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, नोडल पदाधिकारी पंकज दुबे, जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाब चंद उरांव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
👉 साफ है कि बोकारो प्रशासन अब वित्तीय मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है और पारदर्शिता को लेकर सख्त कदम उठा रहा है।







