बोकारो: समाज कल्याण विभाग की ओर से जिले को कुपोषण मुक्त और एनीमिया रहित बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार, 13 जून 2025 को हुई।
इस प्रशिक्षण सत्र का उद्घाटन बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी और रांची से आए मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहे।
📌 समर अभियान के तहत चला प्रशिक्षण, डीसी ने कही विशेष प्राथमिकता की बात
डीसी अजय नाथ झा ने कहा कि यह अभियान राज्य सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है और इसका क्रियान्वयन पूरी तत्परता से करना होगा।
उन्होंने कहा:
“हमें बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना है। यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।”
डीसी ने मीडिया की भूमिका को भी रेखांकित करते हुए कहा कि रचनात्मक आलोचना से उन्हें कोई परहेज नहीं है। उन्होंने कहा:
“मीडिया हमारी कमियों को उजागर करे, हम उन्हें सुधारकर इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएंगे और बेहतर परिणाम देंगे।”
🎯 प्रशिक्षण का उद्देश्य: जमीनी स्तर पर जागरूकता और क्षमता निर्माण
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले के प्रशिक्षकों को इस अभियान से जुड़े तकनीकी ज्ञान, स्वास्थ्य व्यवहार, पोषण स्तर के आंकलन, और जागरूकता अभियानों की रणनीति सिखाना है।
प्रशिक्षण के बाद ये प्रशिक्षक जिले के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका, और स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे।
👩⚕️ क्या है एनीमिया और कुपोषण की चुनौती
कुपोषण: बच्चों में विकास बाधित करता है, प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है।
एनीमिया: विशेष रूप से महिलाओं और किशोरियों में आयरन की कमी से होने वाली स्वास्थ्य समस्या।
सरकार का उद्देश्य: 2030 तक कुपोषण मुक्त भारत और एनीमिया मुक्त राज्य की परिकल्पना को साकार करना।
✅ निष्कर्ष
बोकारो में प्रारंभ हुआ यह दो दिवसीय टीओटी प्रशिक्षण जनस्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से यह अभियान ज़रूर प्रभावशाली सिद्ध होगा।
डीसी अजय नाथ झा की सकारात्मक दृष्टिकोण और सक्रिय भागीदारी जिले में पोषण और स्वास्थ्य संबंधी बदलाव लाने की दिशा में आशाजनक संकेत है।







