बोकारो स्टील प्लांट में लगातार दुर्घटनाएँ, जिला प्रशासन सक्रिय; एनडीआरएफ करेगी बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल
बोकारो: बोकारो इस्पात संयंत्र में पिछले कुछ महीनों में हुई लगातार दुर्घटनाओं ने कर्मचारियों और प्रशासन को गंभीर रूप से चिंतित कर दिया है। एक के बाद एक हादसों में अब तक लगभग आधा दर्जन श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद संयंत्र में कार्यरत कर्मचारियों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
एनडीआरएफ करेगी मॉक ड्रिल, सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा परीक्षण
जिला प्रशासन ने हालात को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का निर्णय लिया है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने बताया कि बोकारो इस्पात संयंत्र में एनडीआरएफ टीम द्वारा बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी।
इस ड्रिल के माध्यम से कर्मचारियों और अधिकारियों को आपात स्थिति में त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि किसी भी दुर्घटना की दशा में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
प्रशासनिक बैठक में बनी विस्तृत रूपरेखा
मॉक ड्रिल की तैयारी को लेकर आज समाहरणालय के सभा कक्ष में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें एनडीआरएफ प्रतिनिधि, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, बीएसएल प्रबंधन और सीआईएसएफ के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में निम्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई—
मॉक ड्रिल की पूरी रूपरेखा
प्लांट में उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों की समीक्षा
आपातकालीन संचार प्रणाली
बचाव कार्यों की रणनीति
प्रत्येक इकाई के बीच समन्वय सुनिश्चित करने की योजना
प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसे अभ्यास आगे भी नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे।







