बोकारो जिले में उत्पाद विभाग खुद करेगा शराब की बिक्री, ब्लैकलिस्टिंग के खिलाफ कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
बोकारो: राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार अब बोकारो जिले में शराब की खुदरा बिक्री का कार्य सीधे उत्पाद विभाग करेगा। इस फैसले के तहत मेन पावर सप्लाई करने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जिसके तहत शराब दुकानों में काम करने वाले कई पुराने कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है।
इस फैसले के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में प्रभावित कर्मचारी उत्पाद विभाग कार्यालय पहुंचे और जोरदार नारेबाजी कर विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का निर्णय सरासर अन्यायपूर्ण है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।
कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे कई वर्षों से ईमानदारी से शराब दुकानों में सेवा दे रहे थे। उनका आरोप है कि जिस कंपनी के माध्यम से उन्हें नियुक्त किया गया था, उसी कंपनी ने सरकार का पैसा दबाकर रखा और शराब को अधिक दामों पर बेचकर कर्मचारियों से तीन प्रतिशत की अवैध वसूली की।
इन्हीं आरोपों के आधार पर कर्मचारियों को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया गया, जबकि वे खुद इन अनियमितताओं के खिलाफ थे। “हमारे पास कोई दूसरा रोजगार नहीं है। बिना किसी जांच या नोटिस के हमें बाहर कर देना अन्याय है,” प्रदर्शनकारियों ने कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
प्रशासन की सफाई
इस संबंध में सहायक आयुक्त उत्पाद उमाशंकर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि जिन कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें हैं या जिनके नाम पर बकाया है, उन्हें दोबारा काम में नहीं लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को जिला उपायुक्त के समक्ष रखा जाएगा और अंतिम निर्णय उन्हीं के द्वारा लिया जाएगा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
निष्कर्ष:
राज्य सरकार की नई शराब नीति के लागू होने के बाद बोकारो में बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। कर्मचारियों ने इसे अन्याय बताया है और सरकार से पुनर्विचार की मांग की है। अब देखना यह है कि उपायुक्त इस मामले पर क्या निर्णय लेते हैं।







