उपायुक्त ने समाज कल्याण योजनाओं की की समीक्षा, 20 दिसंबर तक सभी लंबित आवेदनों के निष्पादन का निर्देश
मंगलवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मौके पर उप विकास आयुक्त श्रीमती शताब्दी मजूमदार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डा. सुमन गुप्ता, सहायक निदेशक पियूष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
डीसी ने की कड़ी समीक्षा, कर्मियों को दायित्व निभाने के निर्देश
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि सभी सीडीपीओ, एलएस एवं अन्य संबंधित कर्मी संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएं और योजनाओं की दैनिक प्रगति की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
विभाग के असंतोषजनक प्रदर्शन पर उन्होंने नाराजगी जताई और तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना पर विशेष जोर
20 दिसंबर तक सभी लंबित 17,835 आवेदनों का निष्पादन करें
बैठक के दौरान डीसी ने बताया कि यह योजना किशोरियों को शिक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित होती है।
समीक्षा में पाया गया कि विभिन्न परियोजनाओं में 17,835 आवेदन सत्यापन के लिए लंबित हैं।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि—
सभी लंबित आवेदनों का 20 दिसंबर तक हर हाल में निष्पादन किया जाए
इस कार्य में बीईईओ, बीआरपी, सीआरपी की सहायता ली जाए
स्वीकृत लाभुकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए
उप विकास आयुक्त को हर 15 दिन में समीक्षा का निर्देश दिया गया
साथ ही, सीडीपीओ को प्रखंड स्तर पर आवेदनों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
1329 आंगनबाड़ी केंद्रों में अब तक बिजली कनेक्शन नहीं
रख-रखाव मद से खर्च कर सुनिश्चित किया जाए विद्युत आपूर्ति
उपायुक्त ने कहा कि जिले में 1329 आंगनबाड़ी केंद्र अभी भी बिजली कनेक्शन से वंचित हैं, जिससे पोषण, स्वास्थ्य एवं प्री-स्कूल सेवाओं में बाधा आती है।
उन्होंने निर्देश दिया कि—
सभी केंद्रों में रख-रखाव मद से बिजली कनेक्शन की व्यवस्था की जाए
जिन्होंने आवेदन नहीं किया है, वे तुरंत आवेदन करें
चास एवं बेरमो के कार्यपालक अभियंता शिविर आयोजित कर बिजली कनेक्शन प्रक्रिया को तेज करें
जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे तेज
15 दिसंबर तक पूरी करें स्कूल को-लोकेशन प्रक्रिया
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार—
जिले में 944 जर्जर केंद्र चिन्हित
413 केंद्र पहले ही स्कूलों के साथ को-लोकेट
शेष 531 केंद्रों को 15 दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश
उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण में सेवाएं मिलनी चाहिए।
आंगनबाड़ी संचालन और पोषण ट्रैकर अपडेटिंग पर सख्त रूख
डीसी ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन अनिवार्य है।
लापरवाही पाए जाने पर कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि—
पोषण ट्रैकर ऐप पर डेटा की नियमित अपडेटिंग आवश्यक
गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों की सूचनाएं 100% सही दर्ज हों
लापरवाही पर संबंधित कर्मी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा
डीसी का निर्देश – नियमित क्षेत्र भ्रमण और निरीक्षण करें अधिकारी
उन्होंने डीएसडब्ल्यूओ, सीडीपीओ एवं एलएस को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने और टूर रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया।
डीसी ने कहा कि—
“ICDS का लक्ष्य सिर्फ योजनाओं को लागू करना नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा की वास्तविक बेहतरी है।”
प्रशिक्षण, आधार सीडिंग और आपार आईडी निर्माण पर भी दिए निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि सेविकाओं और सहायिकाओं को—
नियमित प्रशिक्षण दिया जाए
पोषण ट्रैकर संचालन, लॉग इन-लॉग आउट की प्रक्रिया समझाई जाए
डीपीएम-UIDAI को बच्चों के—
आधार निर्माण
आपार ID निर्माण
आधार सीडिंग
के लिए समयबद्ध कैलेंडर जारी करने को कहा गया।
पोषण वाटिका – निरीक्षण के दौरान सेल्फी लेकर भेजें अधिकारी
समीक्षा में निर्देश दिया गया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका तैयार की जाए।
इसके निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सेल्फी लेकर विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करने का निर्देश दिया गया।
अन्य योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में सैम/मैम, समर ऐप, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, FRS–EKYC और पीएमएमवीवाई समेत अन्य योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया एवं आवश्यक निर्देश दिए गए।







