बोकारो स्टील में ठेका मजदूरों का जन जागरण अभियान, एटक के नेतृत्व में निकाली गई बाइक रैली
बोकारो : बोकारो स्टील प्लांट में कार्यरत ठेका मजदूरों ने शनिवार को एटक (AITUC) के बैनर तले बाइक रैली निकालकर जन जागरूकता अभियान चलाया। यह रैली महुआर गांव से शुरू होकर बोकारो स्टील के प्रशासनिक भवन और प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुज़री। रैली का उद्देश्य मजदूरी की गारंटी, न्यूनतम मजदूरी और अन्य श्रमिक अधिकारों के प्रति प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट कराना था।
🗣️ मजदूरों की प्रमुख मांगें:
न्यूनतम मजदूरी की गारंटी
मजदूरी का प्रावधान एनआईटी (NIT) में शामिल हो
सभी श्रमिक सुविधाओं की सुनिश्चितता
शोषण और ठेकेदार-मालिक गठजोड़ पर रोक
✍️ एटक नेता रामाश्रय प्रसाद सिंह का बयान:
“बोकारो स्टील में ठेका मजदूरों को न न्यूनतम मजदूरी मिल रही है, न ही अन्य सुविधाएं। जब तक एनआईटी में मजदूरी का स्पष्ट प्रावधान नहीं जोड़ा जाएगा, मजदूरों को उनके अधिकार नहीं मिल सकते।”
उन्होंने सेंट्रल यूनियनों को भी चेताते हुए कहा—
“यदि यूनियनें मजदूरों की आवाज नहीं उठाएंगी, तो उन्हें भी मजदूरों के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।”
🚩 शोषण के खिलाफ चेतावनी
रामाश्रय सिंह ने आरोप लगाया कि बोकारो स्टील प्रबंधन और ठेकेदारों की मिलीभगत से मजदूरों का शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के हक में लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक उन्हें सभी संवैधानिक अधिकार और सुविधाएं नहीं मिल जातीं।
निष्कर्ष
इस बाइक रैली और जन जागरूकता अभियान के ज़रिए ठेका मजदूरों ने प्रबंधन और समाज दोनों को यह संदेश दिया है कि अब वे अपने अधिकारों के लिए संगठित और जागरूक हैं।
बोकारो स्टील प्रबंधन के लिए यह चेतावनी भी है कि अगर मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।







