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बोकारो आंगनबाड़ी केंद्र में भ्रष्टाचार का आरोप, सेविका पर पैसे वसूली के गंभीर आरोप

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जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने डीसी से की निष्पक्ष जांच की मांग

बोकारो | 26 मई 2026

बोकारो के आजाद नगर नवलपुर मोहल्ला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 129/322 एक बार फिर विवादों में आ गया है। केंद्र की सेविका समीना जलाल पर भ्रष्टाचार और योजनाओं के नाम पर अवैध वसूली करने के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों और लाभुकों ने उपायुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब कुछ लाभुकों ने दावा किया कि सेविका द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं के फॉर्म भरने और सत्यापन के नाम पर पैसे लिए जाते हैं। लोगों ने आरोपों के समर्थन में वीडियो और अन्य साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं।


मईया सम्मान योजना के नाम पर पैसे वसूली का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि आंगनबाड़ी सेविका समीना जलाल ने मईया सम्मान योजना के सत्यापन और फॉर्म उपलब्ध कराने के नाम पर प्रति लाभुक ₹300 की वसूली की।

लाभुकों का कहना है कि यह केवल एक योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि गर्भवती महिलाओं से जुड़े प्रेगनेंसी फॉर्म समेत अन्य सरकारी योजनाओं में भी पैसे की मांग की जाती है।

आरोप लगाने वालों ने दावा किया है कि उनके पास ऐसा वीडियो मौजूद है जिसमें सेविका खुद पैसे लेने की बात स्वीकार करती दिखाई दे रही हैं।


जांच प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, 6 मई 2026 को सेविका के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत उपायुक्त कार्यालय में की गई थी। शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से जांच कराने का आश्वासन दिया गया था। शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर भी लिए गए थे ताकि जांच के दौरान उन्हें सूचित किया जा सके।

लेकिन आरोप है कि 25 मई की सुबह करीब 7:15 बजे मजिस्ट्रेट जया कुमारी जांच के लिए केंद्र पहुंचीं, जबकि शिकायतकर्ताओं को इसकी जानकारी नहीं दी गई।

लोगों का कहना है कि जब तक उन्हें सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे, तब तक जांच प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी।


मिलीभगत का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी और सेविका के बीच मिलीभगत के कारण निष्पक्ष जांच प्रभावित हुई है। लोगों का कहना है कि यदि शिकायतकर्ताओं को समय पर सूचना दी जाती, तो वे अपने साक्ष्य और बयान जांच टीम के सामने रख सकते थे।

ग्रामीणों और लाभुकों ने उपायुक्त से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और आंगनबाड़ी केंद्र में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की है।


महिलाओं और लाभुकों में नाराजगी

मामले को लेकर इलाके की महिलाओं और लाभुकों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं से योजनाओं के नाम पर पैसे लेना बेहद गंभीर मामला है और प्रशासन को इस पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।


निष्कर्ष

आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना होता है, लेकिन यदि उन्हीं योजनाओं के नाम पर पैसे वसूले जाएं तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और जांच कितनी पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ती है।

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