राज्य कार्यालय से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का बड़ा एलान
रांची: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने आज राज्य कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 9 जुलाई को देशव्यापी आम हड़ताल का एलान किया। प्रेस को संबोधित करते हुए भाकपा के राज्य सचिव महेंद्र पाठक, एटक के राज्य सचिव अशोक यादव, जिला सचिव अजय कुमार सिंह, कर्मचारी संघ के सुनील साहू, बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के सतीश भार्गव एवं एआईबीए के सरफराज अहमद मौजूद रहे।
सरकार की नीतियों को बताया मजदूर-विरोधी
नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों और मजदूरों के साथ धोखा किया है। 44 श्रम कानूनों को खत्म कर उन्हें सिर्फ चार कोड में समेट दिया गया है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी अब तक नहीं दी गई। इससे यह साफ है कि सरकार पूंजीपतियों के हित में फैसले ले रही है।
हड़ताल में होंगे ये शामिल: बैंक, रेल, भेल, कोयला, किसान संगठन
इस हड़ताल में बैंक कर्मचारी, सार्वजनिक क्षेत्र के मजदूर (सेल, भेल, रेलवे, एविएशन), कोयला क्षेत्र के कर्मचारी और देशभर के किसान संगठन शामिल होंगे। कोयला उत्पादन और संप्रेषण दोनों पूरी तरह ठप रहेंगे। झारखंड में झामुमो, कांग्रेस सहित सभी वाम दलों ने समर्थन की घोषणा की है।
झारखंड में चक्का जाम और मशाल जुलूस
झारखंड में 2 घंटे का प्रतीकात्मक चक्का जाम किया जाएगा। आज शाम 5:00 बजे मशाल जुलूस के माध्यम से आम जनता को जागरूक करने की योजना बनाई गई है।
छोटे व्यापारियों से भी समर्थन की अपील
महेंद्र पाठक ने फुटपाथ दुकानदारों और छोटे व्यापारियों से अपील की कि वे भी इस आंदोलन में साथ आएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से खुदरा व्यापार में बड़े पूंजीपतियों का आगमन छोटे व्यापारियों के अस्तित्व के लिए खतरा बन चुका है।
मोदी सरकार के लिए ताबूत की कील होगी ये हड़ताल: भाकपा
भाकपा नेताओं ने कहा कि यह हड़ताल केवल एक दिन का विरोध नहीं बल्कि केंद्र सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक आंदोलन है। “2029 की कुर्सी छोड़िए, यह हड़ताल मोदी सरकार के ताबूत में कील साबित होगी।”
निष्कर्ष
9 जुलाई की आम हड़ताल में झारखंड सहित देशभर में लाखों मजदूर और किसान हिस्सा लेंगे। सरकार के श्रमिक विरोधी फैसलों के खिलाफ यह हड़ताल सरकार की नीतियों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।







