बिहार ग्रामीण बैंक कर्मचारियों की हड़ताल: केंद्र की नीतियों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन
पटना: केंद्र सरकार द्वारा लाई गई जनविरोधी नीतियों और श्रमिक विरोधी कानूनों के खिलाफ आज राज्यभर में बिहार ग्रामीण बैंक के हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक दिवसीय हड़ताल कर जोरदार विरोध दर्ज कराया। यह हड़ताल अखिल भारतीय राज्य श्रमिक संगठनों के आह्वान पर आयोजित की गई, जिसमें बैंक मुख्यालयों और शाखाओं पर प्रदर्शन और धरना दिया गया।
इस आंदोलन का नेतृत्व बिहार ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष श्री अश्विनी कुमार ट्विंकल और बिहार ग्रामीण बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन की भभुआ इकाई के सचिव श्री सुनील पाल ने किया।
प्रमुख मांगें
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली।
बैंक निजीकरण की प्रक्रिया को अविलंब रोकना।
सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति।
आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया समाप्त करना।
5 डे बैंकिंग प्रणाली लागू करना।
जिलों में व्यापक विरोध प्रदर्शन
हड़ताल के तहत सभी जिलों में बैंक कर्मचारी संगठनों ने व्यापक प्रदर्शन किए। बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं और ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
धरने में उपस्थित प्रमुख नेता
इस आंदोलन में भाग लेने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल रहे:
कुमार सौरभ, नरेंद्र कुमार, अवधेश कुमार, धनंजय कुमार, जितेंद्र कुमार राव, शैलेश श्रीवास्तव, अभिषेक गौरव, महेंद्र प्रसाद, गौतम कुमार बबलू लाल मीणा सहित सैकड़ों कर्मचारी।
चेतावनी: मांगे पूरी न होने पर उग्र होगा आंदोलन
धरने में सभी नेताओं और कर्मचारियों ने एक सुर में सरकार से मांगों को शीघ्र स्वीकार करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।







