तीन दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन भगवान शिव की पूजा और रुद्राभिषेक
बोकारो: बोकारो के पर्यावरण-मित्र वाटिका में आयोजित तीन दिवसीय ‘मनोकामनासिद्धि देववृक्ष कल्पतरु महोत्सव’ का समापन आज श्रावण शुक्ल त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव की पूजा और रुद्र अष्टाध्यायी के मंत्रोच्चार के साथ हुआ। प्रातः 07 बजे से शुरू हुए इस शुभ अनुष्ठान में, देववृक्ष कल्पतरु की शाखाओं में भगवान शिव की पूजा कर स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान के पर्यावरण प्रहरियों ने देश, राज्य और बोकारोवासियों के कल्याण हेतु प्रार्थना की।
कल्पतरु – त्रिदेव स्वरूप, जनकल्याण का प्रतीक
जैसा कि शास्त्रों में वर्णित है, समुद्र मंथन से प्राप्त चौदह रत्नों में ‘कल्पतरु’ भी एक दिव्य रत्न है, जिसकी मान्यता त्रिदेव स्वरूप मनोकामनासिद्धि देववृक्ष के रूप में होती है। इस महोत्सव के तीनों दिनों में भगवान विष्णु (मूल में), भगवान ब्रह्मा (तने में) और भगवान शिव (शाखाओं में) की विधिपूर्वक पूजा की गई।
वैदिक अनुष्ठानों के साथ समापन की घोषणा
पूजन का नेतृत्व संस्थान के उपाध्यक्ष और विद्वान कर्मकांडी पं. अखिलेश ओझा ने किया। उन्होंने भगवान शिव स्वरूप में विराजमान देववृक्ष की पूजा कर रुद्र अष्टाध्यायी के मंत्रों से रुद्राभिषेक कराया और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। पूजन के उपरांत संस्थान के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार पांडेय ने मनोकामनासिद्धि प्रार्थना के साथ महोत्सव के पूर्ण होने की औपचारिक घोषणा की।
प्रमुख लोग रहे शामिल
इस पावन अवसर पर संस्थान के कई पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
सुरेन्द्र कुमार पांडेय (अध्यक्ष), रघुवर प्रसाद (कार्यकारी अध्यक्ष), शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’ (महासचिव), रमण ठाकुर (सचिव, अधिवक्ता), विजय त्रिपाठी (सहसचिव), लक्ष्मण शर्मा (नशामुक्ति प्रकोष्ठ संयोजक), विष्णु शंकर मिश्र (सलाहकार), अर्जुन पांडेय, पं. गंगा झा, मृणाल कांत चौबे, बीरेंद्र मिश्र, अशोक मिश्र सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।







