बोकारो में देववृक्ष कल्पतरु महोत्सव का भव्य शुभारंभ, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई भगवान विष्णु की पूजा
बोकारो: तीन दिवसीय ‘मनोकामनासिद्धि देववृक्ष कल्पतरु महोत्सव’ का शुभारंभ आज मंगलवार को श्रावण शुक्ल एकादशी के पावन अवसर पर बोकारो के पर्यावरण-मित्र चौक स्थित पर्यावरण-मित्र वाटिका में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ हुआ।
सुबह 7 बजे संस्थान के पर्यावरण प्रहरियों और श्रद्धालुजनों ने पर्यावरण-संरक्षण और जनकल्याण की मंगलकामनाओं के साथ कल्पतरु देववृक्ष के मूल भाग में भगवान विष्णु की वैदिक विधि से पूजा की।
समुद्र मंथन से प्राप्त कल्पतरु, मनोकामनासिद्धि का प्रतीक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कल्पतरु समुद्र मंथन से प्राप्त चौदह रत्नों में से एक दिव्य वृक्ष है, जिसे मनोकामनासिद्धि देववृक्ष माना गया है। इसी आस्था के साथ इस पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
पूजन कार्यक्रम का संचालन विद्वान कर्मकांडी पं. अखिलेश ओझा ने किया, जो स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान के उपाध्यक्ष भी हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने भगवान विष्णु स्वरूप में कल्पतरु की पूजा कर सभी उपस्थित लोगों के कल्याण की प्रार्थना की।
धोती पहनना था अनिवार्य
पूजन कार्यक्रम की विशिष्टता यह रही कि इसमें भाग लेने वालों को धोती पहनना अनिवार्य था। इस नियम का पालन कर भक्तगण पूजन में शामिल हुए।
संस्थान के पदाधिकारी रहे उपस्थित
पूजन कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार पांडेय, कार्यकारी अध्यक्ष रघुवर प्रसाद, महासचिव शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’, सहसचिव विजय त्रिपाठी, नशामुक्ति प्रकोष्ठ संयोजक लक्ष्मण शर्मा, वृक्षारोपण प्रकोष्ठ संयोजक वीरेंद्र चौबे, सचिव बबलू पांडेय और सक्रिय सदस्य अर्जुन पांडेय प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कल होगी भगवान ब्रह्मा की पूजा
महोत्सव का दूसरा दिन यानी 6 अगस्त 2025 को प्रातः 07 बजे से कल्पतरु के तना भाग में भगवान ब्रह्मा की पूजा की जाएगी। श्रद्धालुजन इस पावन अवसर पर पुनः एकत्र होकर पूजन और प्रार्थना में सम्मिलित होंगे।







