बोकारो में मुस्लिम समाज की बैठक: दहेज प्रथा, फिजूलखर्ची और DJ पर प्रतिबंध के प्रस्ताव पारित
बोकारो: तंजीम एहलेसुन्नत बोकारो के अंतर्गत दारुल उलूम एहले सुन्नत हनफिया गरीब नवाज, सिवनडीह में रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले भर से आए मस्जिदों के इमाम, गाँवों के सदर, सचिव सहित कई प्रबुद्ध मुस्लिम दानिशवरों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता काजी-ए-शहर हजरत मौलाना अल्हाज अलाउद्दीन खान साहब ने की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम समाज में फैल रही सामाजिक बुराइयों के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान चलाना और समाज में सुधार लाना था।
🔖 बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
दहेज प्रथा पर पूर्ण रोक लगाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
शादियों में DJ गाना बजाने पर प्रतिबंध, बारात की अधिकतम संख्या 51 लोगों तक सीमित की गई और दोपहर में बारात लाने की सहमति जताई गई।
हर गाँव में इस्लामी शिक्षा के लिए मख़तब (प्राथमिक मदरसा) की स्थापना की जाएगी।
शादियों में फिजूलखर्ची, आतिशबाजी और बड़े पंडाल जैसे दिखावों पर भी सख्त रोक लगाने की सहमति बनी।
📌 समर्थन और सहभागिता:
बैठक में मौजूद सभी उलेमाओं और दानिशवरों ने तंजीम एहलेसुन्नत द्वारा लिए गए निर्णयों को समाज में प्रभावी ढंग से लागू कराने में संपूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
👤 प्रमुख उपस्थित गणमान्य:
मौलाना इलयास फैज़ी (प्रवक्ता), मुफ्ती खालिद हुसैन मिस्बाही (सदर), मौलाना मुस्लिम साहब, मौलाना दिलदार साहब, मौलाना मंजूर साहब, मौलाना मुमताज साहब, कारी उल्फत साहब, मौलाना शफीउद्दीन साहब, मुफ्ती ताहिर साहब, मौलाना आफ़्ताबुद्दीन साहब सहित जिले के कई सामाजिक और धार्मिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।







