सिरम टोली फ्लाईओवर रैम्प विवाद पर केन्द्रीय सरना समिति ने की प्रेस वार्ता, राज्य सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
रांची, 25 अप्रैल 2025:
केन्द्रीय सरना समिति एवं चडरी सरना समिति के संयुक्त तत्वावधान में सिरम टोली फ्लाईओवर रैम्प के निर्माण को लेकर आज एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। समिति ने सरकार और जिला प्रशासन पर आदिवासी समाज की भावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि सिरम टोली सरना स्थल के निकट फ्लाईओवर रैम्प का निर्माण आदिवासियों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
समिति के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि दिनांक 4 अप्रैल 2025 को इस विषय को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के नाम एक मांग पत्र आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा को दिल्ली कार्यालय में सौंपा गया था। आयोग ने इस पर तेजी से संज्ञान लेते हुए झारखंड के मुख्य सचिव, नगर विकास सचिव, रांची उपायुक्त एवं रांची नगर निगम के प्रशासक को नोटिस जारी किया है।
आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 338A के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मामले की जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को पांच दिनों के भीतर सभी जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, अन्यथा सिविल न्यायालय जैसी शक्तियों का उपयोग कर समन जारी किया जाएगा।
केन्द्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि, “पिछले चार महीनों से आदिवासी समाज सड़कों पर संघर्ष कर रहा है, लेकिन झारखंड सरकार और जिला प्रशासन गोली की ताकत से फ्लाईओवर निर्माण कार्य करा रही है। रात के अंधेरे में चुपचाप काम कराना, क्षेत्र को सील करना और मीडिया तक को रोकना राज्य सरकार की हिटलरशाही नीति को उजागर करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में ऐसी कार्यशैली औपनिवेशिक शासन की याद दिलाती है। यह लोकतंत्र का अपमान है और आदिवासी अस्मिता के खिलाफ एक संगठित प्रयास प्रतीत होता है।







