बोकारो, झारखंड: शहर में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली को लेकर अभिभावकों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। डीसी के निर्देश पर बुधवार से शिक्षा विभाग ने शहर के प्रमुख निजी स्कूलों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं।
प्रत्येक दिन तीन-तीन स्कूलों को समूह में बुलाकर अभिभावकों के साथ संवाद और स्कूलों से जवाब मांगा जा रहा है। गुरुवार को एमजीएम, पेंटकोस्टल और डीएवी स्कूल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई, जिसमें एसडीओ बोकारो, डीटीओ बोकारो, डीईओ बोकारो, अभिभावक महासंघ के पदाधिकारी और संबंधित स्कूलों के अभिभावक मौजूद रहे।
बाइक-स्कूटी से स्कूल आने वाले छात्रों पर डीटीओ के निर्देश
बैठक के दौरान डीटीओ बोकारो ने स्कूलों को निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि छात्र बाइक या स्कूटी से स्कूल न आएं। यदि कोई छात्र इस निर्देश की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ फाइन लगाया जाए और इसकी जानकारी जिला परिवहन कार्यालय को दी जाए।
स्कूलों को देना होगा दो वर्षों का आय-व्यय विवरण
अभिभावक महासंघ के जिला संरक्षक राकेश मधु ने जानकारी दी कि एसडीओ बोकारो ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपने पिछले दो वर्षों के आय-व्यय का विवरण जमा करें। इससे यह जांच हो सकेगी कि स्कूलों द्वारा की गई फीस वृद्धि वास्तव में उचित है या नहीं। इसके आधार पर जिला स्तरीय जांच समिति अंतिम निर्णय लेगी।
अभिभावकों को मिली राहत की उम्मीद
अभिभावक महासंघ के जिला अध्यक्ष नीरज पटेल ने जिला प्रशासन की इस पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा, “कई वर्षों से निजी स्कूल अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं। अब प्रशासन की सक्रियता से अभिभावकों को न्याय मिलने की उम्मीद है।”
उन्होंने एसडीओ और डीटीओ से स्कूल बस सेवा में की जा रही मनमानी किराया वसूली पर भी कार्रवाई करने की मांग की।
बैठक में ये लोग रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में अभिभावक मंच के महासचिव अजीत ठाकुर, अनूप पांडे समेत कई अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
यह कदम न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।







