828 बच्चों की पोषण जांच, 653 लोगों को टेलीमेडिसिन से मिला इलाज; डीसी ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य और स्थानीय पौष्टिक आहार पर दिया जोर।
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बोकारो | 24 जुलाई 2026 : बोकारो में कुपोषण के खिलाफ जिला प्रशासन ने अभियान को और तेज कर दिया है। उपायुक्त अजय नाथ झा ने ई-टेलीमेडिसिन और मोबाइल पोषण वैन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि हर बच्चा स्वस्थ, हर मां सुरक्षित और हर परिवार कुपोषण मुक्त हो, यही प्रशासन का लक्ष्य है। गोमिया और पेटरवार में चल रहे इस अभियान से बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिला है।
कुपोषण मुक्त बोकारो के लिए प्रशासन की सशक्त पहल
बोकारो जिला प्रशासन कुपोषण उन्मूलन को लेकर लगातार सक्रिय है। गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में ई-टेलीमेडिसिन एवं मोबाइल पोषण वैन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गोमिया एवं पेटरवार प्रखंडों में राज कुमारी फाउंडेशन द्वारा संचालित कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
828 बच्चों की पोषण जांच, 653 लोगों को मिला विशेषज्ञ परामर्श
बैठक में बताया गया कि गोमिया और पेटरवार के 27 आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषक क्षेत्रों में मोबाइल पोषण वैन और ई-टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। अब तक 828 बच्चों की पोषण जांच की जा चुकी है, जबकि 653 लोगों को टेलीमेडिसिन के जरिए विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया है।
गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को विशेष देखभाल कार्यक्रम से जोड़ा गया है, जिससे उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखा जा रहा है।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
उपायुक्त ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज के भविष्य को सुरक्षित करने का अभियान है। उन्होंने नवजात शिशुओं, धात्री माताओं और किशोरियों के पोषण पर विशेष ध्यान देने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
एमटीसी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई अभिभावक माल्न्यूट्रिशन ट्रीटमेंट सेंटर (एमटीसी) में बच्चों को भर्ती कराने से हिचकिचाते हैं। इस पर चिंता जताते हुए उपायुक्त ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और लोगों के बीच एमटीसी के प्रति विश्वास बढ़ाने के निर्देश दिए।
स्थानीय पौष्टिक भोजन को बढ़ावा देने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि गांवों में उपलब्ध पारंपरिक और स्थानीय खाद्य पदार्थ बच्चों और महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने पैकेज्ड फूड की जगह स्थानीय पौष्टिक आहार को बढ़ावा देने और कुपोषण के खिलाफ सामुदायिक जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की।




