जिला स्तरीय CSR समीक्षा बैठक में दिव्यांगजनों के लिए बैटरी ट्राइसाइकिल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका परियोजनाओं पर भी हुई चर्चा।
बोकारो | 17 जून 2026
बोकारो में आयोजित जिला स्तरीय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) समीक्षा बैठक में उपायुक्त अजय नाथ झा ने उद्योगों से पीवीटीजी गांवों के विकास, मानव-हाथी संघर्ष की रोकथाम और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए विशेष सहयोग देने का आह्वान किया। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
जिले के समावेशी विकास को लेकर CSR समीक्षा बैठक
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक उपक्रमों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। उपायुक्त ने कहा कि जिले के समावेशी और सतत विकास में उद्योगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा CSR संसाधनों का उपयोग समाज के सबसे वंचित वर्गों तक पहुंचना चाहिए।
पीवीटीजी गांवों के विकास को प्राथमिकता
बैठक में गोमिया प्रखंड के पीवीटीजी (Particularly Vulnerable Tribal Group) गांवों के समग्र विकास पर विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने उद्योगों से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल, आधारभूत संरचना और आजीविका संवर्धन से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन गांवों का विकास जिले की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मानव-हाथी संघर्ष कम करने पर फोकस
जिले में बढ़ती मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को गंभीर चुनौती बताते हुए उपायुक्त ने सोलर आधारित सुरक्षा उपाय, अर्ली वार्निंग सिस्टम और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों के लिए CSR सहयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से जनहानि और फसल नुकसान को कम किया जा सकता है।
दिव्यांगजनों के लिए बैटरी ट्राइसाइकिल वितरण
बैठक में दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने उद्योगों से दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करने की अपील की।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा
बैठक में विभिन्न कंपनियों द्वारा संचालित CSR परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, स्किल डेवलपमेंट और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने उद्योगों को जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर परिणामोन्मुख CSR परियोजनाएं संचालित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि CSR संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक विकास के लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।




