मनमोहन कोऑपरेटिव कॉलोनी के प्लॉट संख्या 458 का वर्षों से बंद रास्ता खुला, गंदगी और दुर्गंध से भी मिली राहत।
बोकारो | 14 जून 2026
बोकारो के मनमोहन कोऑपरेटिव कॉलोनी में करीब एक दशक से बंद पड़ा 200 फीट लंबा रास्ता आखिरकार प्रशासनिक कार्रवाई के बाद खुल गया। एसडीओ कोर्ट के आदेश पर अवरोध हटाए जाने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। रास्ता खुलने के साथ ही वर्षों से जमा गंदगी और कचरे की सफाई भी शुरू हो गई है, जिससे क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है।
2016 से बंद था रास्ता
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2016 में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा ग्रामीणों के आवागमन के लिए उपयोग किए जाने वाले करीब 200 फीट लंबे रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया था। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा और वर्षों तक कानूनी प्रक्रिया चलती रही।
स्वर्गीय दादा चौधरी के पुत्र ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान एसडीएम प्रांजल ढांढा ने व्यस्तता के बावजूद स्थल का निरीक्षण किया और सभी तथ्यों की जांच की। जांच के बाद एसडीओ कोर्ट ने अपने आदेश में रास्ते से अवरोध हटाने का स्पष्ट निर्देश दिया।
प्रशासनिक कार्रवाई से मिली बड़ी राहत
कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मनमोहन कोऑपरेटिव कॉलोनी स्थित प्लॉट संख्या 458 के बंद रास्ते को खुलवा दिया। वर्षों से रास्ता बंद रहने के कारण वहां गंदगी और कचरे का ढेर जमा हो गया था, जिससे आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
गंदगी हटने से कम होगा बीमारियों का खतरा
स्थानीय निवासी रौशन ने बताया कि रास्ता खुलने और वर्षों पुरानी गंदगी की सफाई होने से क्षेत्र में मच्छरों की संख्या में कमी आएगी। इससे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा भी काफी हद तक कम होगा। साथ ही आसपास का वातावरण अधिक स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बनेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन का जताया आभार
रास्ता खुलने के बाद स्थानीय लोगों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। लोगों ने बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा, एसडीएम प्रांजल ढांढा, कार्यपालक दंडाधिकारी जया कुमारी एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होने से क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को राहत मिली है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े मामलों का इसी तरह त्वरित समाधान किया जाएगा।




