गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बोकारो एसपी से की मुलाकात, SIT जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग
बोकारो/बेरमो, झारखंड : 02 जून 2026
बोकारो जिले के बेरमो स्थित पांच नंबर धौड़ा में चार माह की गर्भवती दलित महिला अनीता देवी की मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। न्याय की मांग को लेकर आजसू और भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के साथ बोकारो पुलिस अधीक्षक (एसपी) नाथू सिंह मीना से मिला और मामले की निष्पक्ष जांच कर मुख्य आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
पीड़ित परिवार के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे नेता
गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, गोमिया के पूर्व विधायक लंबोदर महतो, बोकारो के पूर्व विधायक बिरंची नारायण, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र राज और आजसू जिलाध्यक्ष सचिन महतो के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पीड़ित परिवार की ओर से न्याय की मांग उठाई।
इस दौरान मृतका के पति महेश भुईयां और उनके बच्चों ने भी अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी दी।

महेश भुईयां ने लगाए गंभीर आरोप
महेश भुईयां ने बताया कि उनकी पत्नी अनीता देवी जलावन के लिए कोयला चुनने गई थीं। आरोप है कि इसी दौरान कोयला माफिया संतोष साव से जुड़े लोगों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार से जुड़े लोगों का आतंक है और महिलाओं के साथ मारपीट की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं।
महेश ने दावा किया कि पोस्टमार्टम के बाद शव का जल्द अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाया गया और मामले को दबाने की कोशिश की गई।
SIT जांच का मिला आश्वासन
गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने बताया कि एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अवैध कोयला कारोबार पर उठे सवाल
आजसू जिलाध्यक्ष सचिन महतो ने कहा कि जिले में अवैध कोयला कारोबार के कारण लगातार अपराध और हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अनीता देवी हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी और अन्य सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए।
भाजपा ने निष्पक्ष जांच की मांग की
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र राज ने कहा कि पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और मामले की निष्पक्ष जांच चाहती है।
उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कानून के तहत सख्त सजा मिलनी चाहिए।
न्याय की उम्मीद में पीड़ित परिवार
अनीता देवी की मौत के बाद परिवार सदमे में है। चार माह की गर्भवती महिला की मौत को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है। अब परिवार और क्षेत्र के लोग पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
Conclusion
बेरमो अनीता देवी हत्याकांड अब कानून-व्यवस्था और अवैध कोयला कारोबार के मुद्दे से भी जुड़ गया है। राजनीतिक दलों की सक्रियता के बीच पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। आने वाले दिनों में SIT जांच और पुलिस कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।




