बच्चों और दिव्यांगजनों की देखरेख, थेरापी सेंटर और CSR सहयोग पर हुई चर्चा
बोकारो | 22 मई 2026
बोकारो के सेक्टर-05 स्थित Manav Seva Ashram के बेहतर संचालन और समग्र विकास को लेकर उपायुक्त Ajay Nath Jha ने समीक्षा बैठक की। बैठक में आश्रम में रह रहे बच्चों और दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधा, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण देखरेख उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
आश्रम संचालन के लिए नियमावली बनाने का निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि संस्था का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से हो, इसके लिए स्पष्ट नियमावली तैयार करना जरूरी है।
विस्तृत गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश
उन्होंने सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सुचिता किरण भगत और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अनिता झा को बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, दैनिक गतिविधियों और निगरानी व्यवस्था को लेकर विस्तृत गाइडलाइन तैयार करने का निर्देश दिया।
बच्चों और दिव्यांगजनों की सुविधाओं पर जोर
बैठक में आश्रम में रह रहे बच्चों और दिव्यांगजनों की नियमित देखरेख, पोषण, चिकित्सा सुविधा और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर विशेष चर्चा की गई।
स्टाफ को बेहतर कार्य वातावरण देने की बात
डीसी ने आश्रम में कार्यरत कर्मचारियों को आवश्यक अवकाश और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
थेरापी सेंटर निर्माण पर हुई चर्चा
विशेष जरूरत वाले बच्चों और दिव्यांगजनों के समुचित विकास के लिए थेरापी सेंटर निर्माण की दिशा में पहल करने पर विचार किया गया।
गर्वनिंग बॉडी गठन की तैयारी
संस्था के संचालन को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से गर्वनिंग बॉडी के गठन पर भी चर्चा हुई।
कंपनियों से CSR के तहत सहयोग की अपील
उपायुक्त ने जिले में संचालित विभिन्न कंपनियों से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत आगे आकर मानव सेवा आश्रम को सहयोग देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और विशेष जरूरत वाले लोगों के बेहतर जीवन के लिए सामूहिक भागीदारी बेहद जरूरी है।
कई अधिकारी और कंपनियों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अनुमंडल पदाधिकारी चास प्रांजल ढांडा, नोडल पदाधिकारी CSR शक्ति कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित BSL, ONGC, BPSCL और डालमिया कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।








