- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
spot_img
HomeNEWSBOKAROहाथियों को लेकर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव, बोकारो में मानव-हाथी...

हाथियों को लेकर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव, बोकारो में मानव-हाथी संघर्ष पर हाई लेवल बैठक

spot_img

डीसी अजय नाथ झा बोले- सह-अस्तित्व और ग्रामीण सुरक्षा के लिए जरूरी है राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा

बोकारो | पेटरवार | 15 मई 2026

बोकारो जिले में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष के स्थायी समाधान और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गुरुवार को पेटरवार फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने हाथी संघर्ष प्रबंधन पर राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव दिया।

बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) रवि रंजन, जिला वन पदाधिकारी (डीएफओ) नीतीश कुमार, वन पदाधिकारी संदीप शींदे, जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के प्रतिनिधि तथा प्रोजेक्ट गणेशा के विशेषज्ञ मौजूद रहे।

हाथी प्रभावित क्षेत्रों का किया गया दौरा

बैठक से पहले जेआईसीए और प्रोजेक्ट गणेशा की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न हाथी प्रभावित गांवों और संयुक्त वन प्रबंधन समिति (JFMC) क्षेत्रों का दौरा किया।

टीम ने जमीनी स्तर पर ग्रामीणों की समस्याओं, हाथियों की गतिविधियों और मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति का आकलन किया।

मानव-हाथी संघर्ष कम करने पर चर्चा

पेटरवार फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में हाथियों की आवाजाही, ग्रामीण सुरक्षा और वन क्षेत्रों पर निर्भर लोगों की आजीविका को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में जानकारी दी गई कि जिला प्रशासन द्वारा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन (बी-कीपिंग), सोलर लाइट और हाई मास्क लाइट लगाए गए हैं। इन उपायों से हाथियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।

मानव-हाथी संघर्ष कम करने पर चर्चा
मानव-हाथी संघर्ष कम करने पर चर्चा

राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव

उपायुक्त अजय नाथ झा ने बैठक में सुझाव दिया कि हाथी संघर्ष प्रबंधन और मानव-हाथी सह-अस्तित्व को लेकर राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित किया जाए।

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य केवल संघर्ष कम करना नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों और वन्यजीवों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना होगा। विशेषज्ञों और अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत किया।

वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास पर जोर

बैठक में कहा गया कि प्रशासन, वन विभाग और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संयुक्त प्रयास भविष्य में मानव और वन्यजीव दोनों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

अधिकारियों ने कहा कि यह पहल वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

spot_img
spot_img
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine
spot_img

Most Popular

spot_img

Recent Comments

error: Content is protected !!